स्वास्थ्य समाचार

लकवा (पैरालिसिस): लक्षण और कारण

लकवा (पैरालिसिस)

मस्तिष्क की बीमारी है लकवा  संयमित जीवनशैली व बचाव ही है लकवे से बचने का बेहतर उपचार लकवा या स्ट्रोक मस्तिष्क की बीमारी है। यह दो तरह का हो सकता है। पहलाए हार्ट से ब्रेन की ओर जाने या आने वाली खून की नलियों जिन्हें धमनी और शिरा कहा जाता है के फटने और दूसरा उनके बंद हो जाने की वजह से। ज्यादातर मरीजों को धमनी में खराबी की वजह से लकवा का शिकार होना पड़ता है जबकि डिलीवरी के बाद महिलाओं में होने वाला लकवा अक्सर शिरा में खराबी के कारण होता है। ब्रेन में खून की नली के फटने से मरीज को बहुत तेज सिरदर्द ;जैसा जीवन में पहले कभी भी न हुआ होद्ध या उल्टी शुरू हो जाती हैए जो बेहोशीए सांस

सेहत पर बहुत बुरा असर डालती है गेम खेलने की लत, ऐसे पाएं छुटकारा

सेहत पर बहुत बुरा असर डालती है गेम खेलने की लत, ऐसे पाएं छुटकारा

हाल के कुछ दिनों में एक गेम 'पोकेमॉन गो' ने खूब चर्चा बटोरी। देश-विदेश, हर जगह व हर किसी की ज़ुबान पर यह ऑनलाइन गेम चढ़ा रहा। इसकी वजह से न सिर्फ बच्चे, बल्कि बड़े भी काफी प्रभावित हुए। कई घायल हुए व कई लोगों को अलग तरीकों से नुकसान पहुंचा पर इसका क्रेज़ ज़रा भी कम होता नहीं दिखा। इस गेम के अलावा और भी कई गेम्स व एप्स हैं जिनका जादू समय-समय पर लोगों के सिर पर चढ़कर बोलता रहता है। ऐसे ही कुछ ऑनलाइन एडिक्टिव एप्स व गेम्स पर एक नज़र।

 

क्या है गेमिंग एडिक्शन

जानिये रक्तचाप से कैसे प्रभावित होता है आपका शरीर और कैसे करें इसे कंट्रोल

जानिये रक्तचाप से कैसे प्रभावित होता है आपका शरीर और कैसे करें इसे कंट्रोल

हमारे शरीर को अच्छी तरह काम करने के लिए ढेर सारे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ये सभी तत्व हमें आहार से मिलते हैं। शरीर के सभी अंगों तक पोषक तत्वों को पहुंचाने का काम हमारा ब्लड यानि खून करता है। जब हमारा दिल धड़कता है तब असल में ये हमारे शरीर में मौजूद खून को पंप कर रहा होता है। शरीर में बिछी हुई नसों के जाल के सहारे यही ब्लड हमारे शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन और अन्य एनर्जी पहुंचाता है। जब नसों में ब्लड बहता है तो ये नसों के किनारों पर दबाव बनाता है। बल्ड के इसी दबाव यानि प्रेशर को ब्लड प्रेशर कहते हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर ज्यादा हो गया है तो ये हार्ट को इसे पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी

ऐसी बातों से बिगड़ता है हार्मोन संतुलन, जन्म लेते हैं बुरे लक्षण..

1. फास्ट लाइफ के असर
आजकल की जीवनशैली में मेरे हिसाब से एक व्यक्ति हर वह संभव काम कर सकता है जिसके लिए वह सक्षम है, लेकिन एक कार्य ऐसा भी है जो वह चाहकर भी पूरा नहीं पर पाता। वह है अपने स्वास्थ्य का ख्याल। लाइफ इतनी फास्ट हो गई है कि लोगों को इतना तो पता है कि कब क्या काम करना है, कौन सी तरकीब अपनाकर अधिक से अधिक धन कमाया जा सकता है, लेकिन अपनी सेहत का ध्यान कैसे रखना है, ये कोई नहीं जानना चाहता।

प्रकृति के नियम​

प्रकृति के नियम​

खाना जो हम खाते हैं, 24 घण्टे के अंदर शरीर से बाहर निकल जाना चाहिए, वरना हम बीमार हो जायेंगे ।​
​पानी जो हम पीते हैं, 04 घण्टे के अंदर शरीर से बाहर निकल जाना चाहिए, वरना हम बीमार हो जायेंगे ।​
​हवा जो हम सांस लेते हैं, कुछ सेकंड में ही वापस बाहर निकल जानी चाहिए, वरना हम मर ही जायेंगे ।​
​लेकिन नकारात्मक बातें, जैसे कि घृणा, गुस्सा, ईर्षा, असुरक्षा .... आदि आदि, जिनको हम अपने अंदर दिन, महीने और सालों तक रखे रहते हैं ।​
​यदि इन नकारात्मक विचारों को समय-समय पर अपने अंदर से नहीं निकालेंगे तो एक दिन निश्चित ही हम मानसिक रोगी बन जायेंगे ।​ 
निर्णय आपका​

कैंसर, बीमारी नहीं बिजनेस है, जानें चौंकाने वाला सच

कैंसर, बीमारी नहीं बिजनेस है, जानें चौंकाने वाला सच

भले ही आपको इस बात पर यकीन न हो रहा हो, लेकिन यह पूरी जानकारी पढ़ने के बाद आप भी यही कहेंगे कि कैंसर कोई बीमारी नहीं बल्कि चिकित्सा जगत में पैसा कमाने का साधन मात्र है।

ब्रेस्ट कम कैसे करे- एक्सर्साइज़ टिप्स

ब्रेस्ट कम कैसे करे- एक्सर्साइज़ टिप्स

ब्रेस्ट घटाने के लिए एक्सर्साइज़ से तेज तरीका या उपाय दूसरा कोई नही हो सकता| आपको जिम जा कर भारी भरकम वेट उठाने की ज़रूरत नही है बस आपको एक रेग्युलर एक्सर्साइज़ रुटीन बनाना है और उसका नियम से पालन करना है| कुछ ही दिनों में आपकी समसया दूर होगी और आपकी सेहत और वेट दोनों ही अच्छे जाएँगे| नीचे कुछ exercise  टिप्स हैं जिनसे आप अपने स्तन तेज़ी से घटा सकती हैं|

 

मोटापे से कमज़ोर होती है याददाश्त?

मोटापे से कमज़ोर होती है याददाश्त?

कहते हैं मोटापा सौ बीमारियों की एक बीमारी है. इससे ब्लड प्रेशर की शिकायत हो जाती है, आप चलने-फिरने से लाचार होने लगते हैं. शुगर बढ़ने लगती है.

मोटापा याददाश्त कमज़ोर करता है, शायद ये आपको नहीं पता. यही नहीं अल्ज़ाइमर जैसी बीमारी को भी जन्म देता है.

वैज्ञानिक रिसर्च साबित करती है कि मोटापे और याददाश्त में दो-तरफ़ा रिश्ता होता है. दोनों आपस में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.

जानिये कोलेस्ट्रॉल की सच्चाई दोस्तोँ

जानिये कोलेस्ट्रॉल की सच्चाई दोस्तोँ

जानिये कोलेस्ट्रॉल की सच्चाई दोस्तोँ " कोलेस्ट्रॉल के नाम पर महा धोका" पोस्ट व्हाट्सएप्प पे वायरल हो रही है। वह हम लोगों ने NutriWorld.in और फेसबुक पे शेयर भी की थी। जिस पर कुछ लोगों ने इस बारे में और जानने की जिज्ञासा की तथा कुछ लोगों को वो पोस्ट झूठ व् भ्रम फैलाने वाली लगी। मै भी इस पोस्ट से न सहमत हो पा रहा था और न ही असहमत। क्योकि  मेडिकल साइंस में 40-50 सालों से कोलेस्ट्रॉल का बड़ा होना हृदय रोगों के प्रमुख कारको में से एक बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर यह बात भी समझ नही आ रही थी जब हम सभी के शरीर में लिवर द्वारा अनिवार्य रूप से कोलेस्ट्रॉल का निर्माण किया ही जा रहा है। तब वह हमारे लिए खतरना

अस्थमा के घरेलू उपचार

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आजकल इस बदलते हुए वातावरण, प्रदूषण, खाने पीने की चीजों में मिलावट का होना और शुद्धता में कमी होना आदि के कारण मरीजों की सख्या में वृद्धि हो रही है, ऐसे में जब किसी व्यक्ति को श्वास नलियों में किसी प्रकार का कोई रोग उत्त्पन हो जाता है, तो उसे सांस लेने में बहुत ही कठिनाई होती है, जिसके कारण उसे खांसी होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति को अस्थमा या दमा कहा जाता है। यह श्वास तन्त्र की ऐसी गंभीर बीमारी होती है, जिसके कारण हमें साँस लेने में बहुत ही कठिनाई होती है। क्योंकि हमारे श्वास मार्ग में सूजन आ जाती है, उससे हमें छोटी-छोटी सांस लेनी पडती है और हमारी छाती में कसाव जैसा महसूस होने लगता

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