स्वास्थ्य समाचार

गेमिंग एडिक्शन एक 'बीमारी'

गेमिंग एडिक्शन एक 'बीमारी'

देश और दुनिया में मोबाइल और वीडियो गेम में लोगों की बढ़ती निर्भरता और दिलचस्पी को देखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गेमिंग एडिक्शन को एक तरह का डिसऑर्डर बताते इसे दिमाग़ी बीमारी की श्रेणी में रखा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के इंटरनेशनल क्लासिफ़िकेशन ऑफ़ डिज़ीज़ ( ICD - 11) ने 27 साल बाद अपना ये मैन्युअल इस साल अपडेट किया है.

लेकिन ऐसा नहीं कि गेम खेलने की लत केवल बच्चों में होती है.

सनाया का इलाज कर रही डॉक्टर जयंती दत्ता के मुताबिक, बड़ों में भी ये बीमारी देखने को मिलती है.

छोटे ब्रेस्‍ट है तो अभी से शुरू कर दें ये योगासन

जिस तरह लड़कियों के बड़े स्‍तन उन्‍हें हीन भावना का शिकार बनाते हैं, ठीक उसी तरह से यदि किसी लड़की के स्‍तन छोटे रह जाएं तो उनके लिए भी यह एक बड़ी समस्‍या और शर्म का विषय बन जाती है। यही नहीं अगर वह खाने में अच्‍छी डाइट भी ले या फिर अपना वजन बढ़ा भी ले तो भी उसके स्‍तन छोटे साइज के ही रहते हैं। वैसे तो इन दिनों बाजार में स्‍तनों के आकार को बढ़ाने के लिए कॉस्‍मेटिक, पिल्‍स, मसाजिंग क्रीम से लेकर ब्रेस्‍ट इनलार्जमेंट के लिए सर्जरी भी उपलब्‍ध है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि केवल योगा करने मात्र से ही आप अपने ब्रेस्‍ट के साइज को दोगुना कर सकती हैं। जी हां, योगा करने से आपके शरीर को कोई साइड इफे

किडनी डायलीसिस क्यों......?

किडनी स्वस्थ अवस्था में इर्यथ्रोपोइटिन नाम का हार्मोन बनाती हैं। यह हार्मोन शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह का कार्य करने वाले लाल रक्त कणों की संख्या में इजाफा करता है। किडनी में लाखों मिनी फिल्टर होते हैं जिन्हें नेफरोंस कहते हैं जो पूरी जिंदगी खून साफ करने का काम करते हैं। किडनी में होने वाले इस सफाई सिस्टम के कारण हमारे शरीर से हानिकारक केमिकल्स पेशाब के साथ बह जाते हैं।

मोबाइल गेमिंग डिसऑर्डर क्या है?

गेमिंग डिसऑर्डर

डब्ल्यूएचओ के शिकार लोगों में गेम खेलने की अलग तरह की लत होती है. ये गेम डिजीटल गेम भी हो सकते हैं या फिर वीडियो गेम भी.

डब्लूएचओ के मुताबिक इस बीमारी के शिकार लोग निजी जीवन में आपसी रिश्तों से ज़्यादा अहमियत गेम खेलने को देते हैं जिसकी वजह से रोज़ के कामकाज पर असर पड़ता है.

लेकिन किसी भी आदमी को अगर इसकी लत है, तो उसे बीमार करार नहीं दिया जा सकता.

स्वास्थ्य क्या है आइए जाने की अपने आप को कैसे स्वास्थ्य रखें

स्वास्थ्य क्या है आइए जाने की अपने आप को कैसे स्वास्थ्य रखें

स्वस्थ रहना सबसे बड़ा सुख है। कहावत भी है- 'पहला सुख निरोगी काया'। कोई आदमी तभी अपने जीवन का पूरा आनन्द उठा सकता है, जब वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहे। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी शारीरिक स्वास्थ्य अनिवार्य है। ऋषियों ने कहा है 'शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्‌' अर्थात्‌ यह शरीर ही धर्म का श्रेष्ठ साधन है। यदि हम धर्म में विश्वास रखते हैं और स्वयं को धार्मिक कहते हैं, तो अपने शरीर को स्वस्थ रखना हमारा पहला कर्तव्य है। यदि शरीर स्वस्थ नहीं है, तो जीवन भारस्वरूप हो जाता है।

 

जानें बीयर के बारें में

जानें बीयर के बारें में

दुनिया में बीयर सबसे लोकप्रिय में से एक है दुनिया में मादक पेय पदार्थ एक राय है कि फोम शरीर को नुकसान पहुंचाता है, और अक्सर यह प्रश्न उठता है कि क्या यह बीयर से मोटी हो जाती है, खासकर जब कुछ मामलों में यथार्थ रूप से "तरल रोटी" कहा जाता है। डॉक्टरों ने साबित कर दिया कि यह पेय पित्त और आमाशय के रस का सक्रिय उत्पादन को बढ़ावा देता है, जो पूरे पाचन तंत्र के काम को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। बीयर, एक खाली पेट पर प्रयोग किया जाता है, बलगम के पेट को साफ करता है, जो जठरांत्र से पीड़ित नागरिकों को लाभ देता है। सभी विश्रांति के लिए, हर कोई जानता है कि इसमें एक अद्भुत मूत्रवर्

सुबह उठकर नींबू पानी पीने के और भी फायदे हैं

विटामिन सी से भरपूर नीबू स्फूर्तिदायक और रोग निवारक फल है। इसका रंग पीला या हरा तथा स्वाद खट्टा होता है। इसके रस में ५% साइट्रिक अम्ल होता है तथा जिसका pH २ से ३ तक होता है। किण्वन पद्धति के विकास के पहले नीबू ही साइट्रिक अम्ल का सर्वप्रमुख स्रोत था। साधारणतः नीबू के पौधे आकार में छोटे ही होते हैं पर कुछ प्रजातियाँ ६ मीटर तक लम्बी उग सकती हैं। नींबू की उत्पत्ति कहाँ हुई इसके बारे में कोई ठोस प्रमाण नहीं है परन्तु आमतौर पर लोग यही मानते हैं कि यह पौधा मूल रूप से भारत, उत्तरी म्यांमार एवं चीन का निवासी है। खाने में नीबू का प्रयोग कब से हो रहा है इसके निश्चित प्रमाण तो नहीं हैं लेकिन यूरोप और

सोने से पहले नहीं करें इन चीजों का सेवन:

खाने-पीने की कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनसे नींद अच्छी आती है तो वहीं कुछ ऐसी भी हैं जिनके सेवन से आपकी नींद खराब हो सकती है. सामान्य तौर पर एक शख्स को करीब 7 से 8 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है.

1. कैफीन 
कैफीन का सीधा असर हमारे मस्त‍िष्क पर पड़ता है. कैफीन की मात्रा वाली किसी भी चीज के सेवन से नींद पर असर पड़ता है. कैफीन का असर उसे लेने के पांच घंटे बाद तक बना रहता है.

हार्ट अटैक के कारण

हार्ट अटैक के कारण

जिन लोगों को नीचे दी हुई समस्या या आदत होती है उनमें दिल का दौरा पड़ने की सम्भावना ज्यादा होती है –

  • बढती उम्र 
  • धूम्रपान (
  • लिपिड का स्तर असामान्य होना (
  • मधुमेह (डायबिटीज)
  • उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर)
  • व्यायाम या शारीरिक गतिविधि कम करना 
  • मोटापा 
  • लम्बे समय से कोई किडनी की बीमारी होना 
  • अत्यधिक शराब का सेवन 

नींबू केस्वास्थ्यवर्धक घरेलु उपाय

नींबू केस्वास्थ्यवर्धक घरेलु उपाय

नीबू  छोटा पेड़ अथवा सघन झाड़ीदार पौधा है। इसकी शाखाएँ काँटेदार, पत्तियाँ छोटी, डंठल पतला तथा पत्तीदार होता है। फूल की कली छोटी और मामूली रंगीन या बिल्कुल सफेद होती है। प्रारूपिक (टिपिकल) नीबू गोल या अंडाकार होता है। छिलका पतला होता है, जो गूदे से भली भाँति चिपका रहता है। पकने पर यह पीले रंग का या हरापन लिए हुए होता है। गूदा पांडुर हरा, अम्लीय तथा सुगंधित होता है। कोष रसयुक्त, सुंदर एवं चमकदार होते हैं।

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