स्वास्थ्य समाचार

लोकस्वास्थ्य क्या है जानें

लोकस्वास्थ्य क्या है जानें

लोकस्वास्थ्य के सुधार के लिए स्वास्थ्यसंबंधी आवश्यक ज्ञान प्रत्येक मनुष्य को होना चाहिए। इस ज्ञान के अभाव में कोई सुधार नहीं हो सकता। स्वास्थ्य संबंधी कानून की उपयोगिता स्वास्थ्य शिक्षा के अभाव में नगण्य है और स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा जनता में स्वास्थ्य चेतना होने पर कानून को विशेष आवश्यकता नहीं रहती। स्वास्थ्यशिक्षा वही सफल होती है जो जनता को स्वस्थ्य जीवनयापन की ओर स्वभावत: प्रेरित कर सके। प्रत्येक प्राणी को अपने स्वास्थ्य सुधार के लिए स्वास्थ्य शिक्षा तथा सभी प्रकार की सुविधाएँ प्राप्त होनी चाहिए। यह तो जन्मसिद्ध मानव अधिकार है और कोई कल्याणकारी राज्य इस सुकार्य से मुख नह

चेहरे और शरीर की हार्डवेयर की मालिश करवाये इस प्रकार

चेहरे और शरीर की हार्डवेयर की मालिश करवाये इस प्रकार

चेहरे और शरीर की हार्डवेयर की मालिश के बारे में जानें

यदि आप कम समय में त्वचा को कसने के लिए चाहते हैं,प्रतिरूप अधिक चिकनी और सामंजस्यपूर्ण बनाते हैं, तो यह आधुनिक कॉस्मेटोलॉजी सबसे प्रभावी मदद प्रदान करेगा। इसके अलावा, कॉस्मेटिक प्रभावों के अतिरिक्त, हार्डवेयर की मालिश एलपीजी में भी एक चिकित्सीय प्रभाव होता है। इस प्रक्रिया का एक उत्कृष्ट परिणाम वैक्यूम, कंपन और लगातार घूर्णन रोलर्स के संयुक्त प्रभाव के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।

टूथपेस्‍ट से इस तरह करें प्रेगनेंसी का टेस्‍ट

26 साल की सरला को लग रहा था कि वह प्रेगनेंट हैं और इसका पता लगाने के लिए वह घर में ही कुछ उपायों की खोज कर रही थी। हालांकि प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए बाजार में कई तरह के उपकरण मौजूद हैं। लेकिन वह घर में ही मौजूद उपायों से ऐसा करना चाहती थी। लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा कौन सा घरेलू उपाय है, जिसकी मदद से वह ऐसा कर सकती है। अगर सरला की तरह आप भी ऐसे उपाय की खोज कर रही हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है।

पेट की गैस के घरेलू उपचार

पेट की गैस के घरेलू उपचार
  1. भोजन के साथ सलाद के रूप में टमाटर का प्रतिदिन सेवन करना लाभप्रद होता है। यदि उस पर काला नमक डालकर खाया जाये तो लाभ अधिक मिलता है। पथरी के रोगी को कच्चे टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. आधा चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिलाकर एक कप गर्म पानी में डालकर पीएं।
  3. गैस के कारण सिरदर्द होने पर चाय में काली मिर्च पाउडर डालें। वही चाय पीने से लाभ मिलता है।
  4. 2 चम्मच ब्रैंडी को गर्म पानी में कप में डालकर रात को सोने से पहले पिएं।
  5. स्लाइस की हुई कुछ ताजा अदरक नींबू के रस में भिगोकर भोजन के बाद चूमने से राहत मिलेगी।

पेट दर्द या मरोड़ का कारण व उपचार

पेट दर्द या मरोड़ का कारण व उपचार

पेट में दर्द व मरोड होने का कारण- पेट में दर्द कई प्रकार के रोगों के होने के कारण भी हो सकता है जैसे- पित्ताशय में पथरी, पेट में कोई जख्म होना, गुर्दे में पथरी, नाभि का अपने स्थान से हट जाने तथा कब्ज बनने के कारण।
• गुदाद्वार या आंतों में किसी प्रकार की सूजन हो जाने के कारण भी पेट में दर्द हो सकता है।
• नाभि के आस-पास किसी तरह का रोग हो जाने के कारण भी पेट दर्द का रोग हो सकता है।
• आंतों में गैस भर जाने से भी यह रोग हो सकता है।
• पेट में किसी उत्तेजक पदार्थ के चले जाने के कारण भी यह रोग हो सकता है।

पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए

पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए

शरीर का वज़न घटाना एक बार के लिए आसान भी हो सकता है, लेकिन पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए ही हम आपको पेट कम करने के 5 आसान से टिप्स दे रहे हैं.

प्रोटीन का सेवन करें: हम सभी को शाम 4 बजे के आसपास तेज़ भूख लगती है. उस समय भूख मिटाने के लिए आलू के चिप्स खाने से परहेज़ करें. इसके बजाय प्रोटीन बार, लो फ़ैट चीज़ या थोड़े-से बादाम का सेवन करें. ऐसे खाद्य पदार्थ मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने में मदद करते हैं.

चिकनपॉक्स (छोटी माता): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

चिकनपॉक्स (छोटी माता): घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

चेचक एक वायरल संक्रमण (viral infection) है जिससे शरीर पर छाले की तरह दाने बनते हैं और उनमें खुजली (itching) होती है। चेचक ऐसे लोगों को ज्यादा होता है जो बीमार न पड़ते हों या जिन्होंने चेचक से बचने के लिए टीकाकरण न करवाया हो। पहले के समय में युवा होने तक हर कोई चेचक रोग से एक न एक बार जरूर प्रभावित होता था लेकिन आज के समय में इस तरह के रोगों में कमी आई है। ज्यादातर लोगों के लिए, चेचक एक हल्की बीमारी है। फिर भी, यह टीका लगाया जाना बेहतर है। चेचक के टीके चेचक और उसकी संभावित जटिलताओं को रोकने के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

चेचक के लक्षण 

डिफ्थीरिया के कारण, लक्षण और उपचार

डिफ्थीरिया के कारण, लक्षण और उपचार
  • यह बीमारी कॉरीनेबैक्टेरियम डिफ्थीरिया बैक्टीरिया के इंफेक्शन होती है।
  • इसके बैक्‍टीरिया टांसिल व श्वास नली को सबसे ज्‍यादा संक्रमित करते हैं।
  • सांस लेने में दिक्‍कत, गर्दन में सूजन, बुखार, खांसी आदि हैं इसके लक्षण।
  • बच्‍चे का टीकाकारण नियमित कराया जाये तो यह संक्रमण नहीं फैलता।

 

डिफ्थीरिया एक संक्रामक बीमारी है, यह संक्रमण से फैलती है, इसकी चपेट में ज्‍यादातर बच्‍चे आते हैं। इंफेक्‍शन से फैलने वाली यह बीमारी किसी भी आयुवर्ग को हो सकती है। 

हाइड्रोसेफेलस है गंभीर मानसिक बीमारी, जानें इसके लक्षण और उपचार

हाइड्रोसेफेलस है गंभीर मानसिक बीमारी, जानें इसके लक्षण और उपचार

मस्तिष्क में ज्यादा मात्रा में सेरिब्रो स्पाइनल फ्लूड (सी.एस.एफ.) होने की स्थिति को हाइड्रोसेफेलस या जलशीर्ष कहते हैं। यह मर्ज दिमाग पर दबाव डालता है। आम भाषा में इस समस्या को दिमाग में पानी आने का मर्ज भी कहते हैं। यह रोग जन्म के पहले व जन्म के बाद कभी भी हो सकता है। तो चलिए आज हम आपको इस बीमारी से जुड़ी सभी जानकारी अपने इस लेख के माध्‍यम से बता रहे हैं। इस जानकारी को हमारे साथ जाने-माने न्‍यूरो सर्जन डॉ. विकास शुक्ला ने सा‍झा किया है।

 

हाइड्रोसेफेलस के कारण

पायरिया के आयुर्वेदिक उपचार:

पायरिया के आयुर्वेदिक उपचार:

1. नीम के पत्ते साफ कर के छाया में सुखा लें। अच्छी तरह सूख जाएँ तब एक बर्तन में रखकर जला दें और बर्तन को तुरंत ढँक दें। पत्ते जलकर काले हो जाएँगे और इसकी राख काली होगी। इसे पीसकर कपड़छान कर लें। जितनी राख हो, उतनी मात्रा में सेंधा नमक पीसकर शीशी में भर लें। इस चूर्ण से तीन-चार बार मंजन कर कुल्ले कर लें। भोजन के बाद दाँतों की ठीक से सफाई कर लें। यह नुस्खा अत्यंत गुणकारी है।

Pages