एलईडी ने बचाई ढ़ाई करोड़ की बिजली!

एलईडी ने बचाई ढ़ाई करोड़ की बिजली!

रोजाना 1.75 करोड़ किलोवाट की बिजली बचत
ओ.पी. पाल. नई दिल्ली।
मोदी सरकार की देश में बिजली संकट से निपटने के लिए एलईडी बल्ब से देश को रोशन करने की मुहिम लोगों को रास आने लगी है। सरकार ने घरेलू किफायती लाइटिंग कार्यक्रम के तहत सामने आए नतीजों में दावा किया है कि देश में पांच करोड़ एलईडी बल्ब वितरित हुए और 2500 करोड़ रुपये की बिजली बचत दर्ज की गई है। मसलन एलईडी बल्ब जलाने से रोजाना 1.75 करोड़ किलोवॉट बिजली की बचत होने का अनुमान लगाया गया है।
केंद्रीय बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार पिछले साल शुरू किये गये घरेलू किफायती लाइटिंग कार्यक्रम यानि डीईएलपी के तहत देश में 77 करोड़ पुराने बल्बों को एलईडी में तब्दील करने का लक्ष्य है। एक साल में देश में पांच हजार एलईडी बल्ब वितरित किये जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन 1.75 करोड़ किलोवॉट बिजली की बचत होने का अनुमान है। मसलन इस अभियान शुरू होने से अब तक देश में ढाई करोड़ रुपये के बिजली बिलों में कमी आई है। मंत्रालय का दावा है कि एलईडी के इस अभियान से बिजली की मांग में 20 हजार मेगावाट की कमी आएगी और 100 अरब यूनिट बिजली की बचत होने की उम्मीद है। वहीं इसके साथ हर वर्ष ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में आठ करोड़ टन की कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस कार्यक्रम के तहत देश में 40 हजार करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले वर्ष जनवरी में डीईएलपी योजना का शुभारंभ किया था। यह योजना इस समय देश के 19 राज्यों और संघशासित प्रदेशों में चलाई जा रही है तथा इसके दायरे में अन्य राज्यों को भी शामिल किया जा रहा है।
दो महीने में लक्ष्य दो गुना
केंद्र सरकार ने एलईडी बल्बों की बिक्री या वितरण का जिम्मा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड यानि ईईएसएल को सौंपा हुआ है। ईईइसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार गुरुवार को दावा किया है कि डीईएलपी के तहत अब तक पांच करोड़ एलईडी बल्ब वितरित करने का लक्ष्य हो चुका है जो एक इतिहास है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद इस लक्ष्य को अगले दो महीनों में ही दोगुना करने का प्रयास किया जाएगा। ईईएसएल के अनुसार फरवरी के आखिर तक सात करोड़ और मार्च 2016 तक नौ से 10 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित करने का लक्ष्य है। सरकार की डीईएलपी योजना से रोजाना एक करोड़ 76 लाख 87 हजार पांच यूनिट ऊर्जा बचाने में सहायता मिलेगी, जिससे रोजाना छह करोड़ 95 लाख 14 हजार 59 रुपए मूल्य की ऊर्जा की बचत होगी। यह 1583 मेगावॉट का पीक लोड टालने में भी मदद करेगा।
इन राज्यों में एलईडी का वितरण
ऊर्जा मंत्रालय ने ईईएसएल के हवाले से बताया कि इस योजना के तहत अभी तक दिल्ली में 48,77,048, राजस्थान में 69,18,306 महाराष्ट्र में 78,65,100, कर्नाटक में 7,20,442, आंध्र प्रदेश में 1,48,05,369, झारखंड में 10,24,749, उत्तरप्रदेश में 68,58,415,उत्तराखंड में 6,88,064, हिमाचल प्रदेश में 41,62,108, केरल में 4,11,269 तथा पुडुचेरी में 6,09,251 एलईडी बल्बों का वितरण किया गया है।