टेक्नोलॉजी के मिथ

टेक्नोलॉजी  के मिथ

कई लोग ये मानते हैं कि तकनीक समाज में स्थायी बदलाव ला सकती है.

फिर, वो चाहे इंटरनेट हो या अत्याधुनिक फ़ोन. लेकिन तकनीक और मनुष्य का रिश्ता इससे कहीं ज़्यादा जटिल है?

1968 में अमरीकी समाजशास्त्री हार्वे सैक्स ने तकनीकी सपने की सबसे बड़ी नाकामी की ओर इशारा किया था.

सैक्स ने कहा था, "हमने हमेशा उम्मीद की है कि अगर हम संवाद करने वाली कोई बेहतरीन मशीन ले आएँ, तो दुनिया बदल जाएगी."

सैक्स ने तभी कहा था कि ऐसा तभी होगा जब आधुनिकतम तकनीकी यंत्र मौजूदा समाज में आसानी से घुल-मिल जाने वाले, यानी वर्तमान व्यवस्था में आसानी से इस्तेमाल होेने वाले हों.

फ़ोन का चमत्कार

उदाहरण के लिए, सैक्स ने टेलीफ़ोन का जिक्र किया था. 19वीं शताब्दी के आख़िरी सालों में अमरीकी घरों में टेलीफ़ोन की शुरुआत हुई थी. तब सैकड़ों और हज़ारों मील की दूरी के बावजूद लोगों के बीच बातचीत हो पाना किसी चमत्कार जैसा ही था.

साइंटिफ़िक अमरीकी नाम की पत्रिका ने 1880 के अपने संपादकीय में लिखा था, "यह समाज में किसी नर्ई संस्था की तरह है- जिसमें दूर से दूर बैठा शख्स भी दूसरे शख्स को फ़ोन कर सकता है. इससे कई सामाजिक और कारोबारी उलझनों से निजात मिल जाएगी."

लेकिन जो हुआ, वो ये कि लोगों का वर्तमान बर्ताव ही समाज में नए तरीके से सामने आया.

इस नए प्रयोग को मशहूर होने में वक्त लगा क्योंकि कोई भी नई तकनीक रातों रात क्रांति में तब्दील नहीं हो सकती.

टेलीफ़ोन को लेकर शुरुआती दौर में लोग आपस में अजीब बातें करते थे.

उदाहरण के लिए, बहस इससे संभव सामाजिक क्रांति पर नहीं हुई, बल्कि शालीनता और धोखाधड़ी पर होने लगी. पूछा जाने लगा कि इसका असर घर के सदस्यों - महिलाओं और नौकरों पर क्या होगा.

ऐसे सवाल भी उठे कि क्या उचित कपड़े न पहने हुए फ़ोन पर बात करना शर्मनाक है?

यहाँ तक कि लोगों ने इसे अपने घर पर नज़र रखने वाली मशीन जैसा मान लिया. और, टेलीफ़ोन कंपनियां उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाती नज़र आईं कि इसके इस्तेमाल से कोई समस्या नहीं होगी.

तकनीक की दुनिया में क्रांति

मैंने देखा कि पिछले दो सालों में आधुनिक तकनीक की दुनिया काफी बढ़ी है. साल 2014 के अंत तक, दुनिया भर में आम लोगों से ज़्यादा मोबाइल फ़ोन की संख्या हो चुकी है. 2011 के मध्य में आधुनिक टैबलेट आया और 2014 तक दुनिया भर के कंप्यूटर बाज़ार का आधा हिस्सा टैबलेट का हो चुका है.

आपको शायद न पता हो कि दुनिया भर के डाटा का 90 फ़ीसदी डाटा केवल पिछले दो साल में ही तैयार हुआ है. आज का मोबाइल फ़ोन बीते समय के सुपर कंप्यूटर से ज्यादा शक्तिशाली हो चुका है.

आज का सॉफ़्टवेयर - हर काम में मनुष्य को पछाड़ चुका है फिर वो शतरंज का खेल हो या क्विज़ शो...

अब बात उस कहानी की, जिसमें मशीन और उसकी क्षमता अपने सबसे बेहतरीन स्तर पर पहुंच जाती है.

ऐसे में, वो दौर आ जाता है, जिसको लेकर हमारे दौर में एक मिथक भी चला आ रहा है.

वह दौर जब मशीन की बुद्धिमता इंसानों की बुद्धिमता से बढ़ जाती है.

क्या है सबसे बड़ा मिथक?

हालांकि इस पर काफ़ी लोग यकीन नहीं करते हैं, लेकिन इसको लेकर लोगों में दिलचस्पी भी खूब है. यह भी माना जाता है, यह वक्त की बात है, आने वाले समय में ऐसा होगा. या हो सकता है कि फिर ऐसा न हो.

हालांकि, तकनीक और वैज्ञानिक खोज विस्मयकारी ढंग से प्रगति की राह पर हैं. इसका इंसानों के विकास के साथ रिश्ता ज्यादा चाहत से जुड़ा मसला है. दरअसल हमें पसंद हो या नहीं, लेकिन विकास की रफ्तार अनंतकाल तक जारी नहीं रह सकती है.

हमें अभी काफी दूरी तय करनी है और इसमें निश्चित तौर पर नई तकनीकों के आने का सिलसिला जारी रहेगा. तकनीक को लेकर जुड़े सपने वास्तविकता में भी तब्दील होंगे.

यही वजह है कि मैं बीते दो सालों के दौरान अपने कॉलम में तकनीक और जीवन पर उसके पड़ने वाले असर के बीच के संघर्ष का जिक्र करता रहा हूं. इसी दौरान मैंने डिजिटल हिस्ट्री का ग़ायब हो जाना या फिर 'स्मार्ट' तकनीक की डंबनेस और ईमेल डर्टी सीक्रेट्स या फिर इंपौर्टेंस ऑफ़ फॉरगेटफुलनेस जैसे विषयों पर लिखा है.

डिजिटल उपकरण और इंसान के बीच इस संघर्ष के विश्लेषण का अपना आनंद है, इसलिए नहीं कि एक दिन तकनीक की दुनिया ग़ायब हो जाएगी बल्कि यह इतिहास, राजनीति और इंसानी दोषों के साथ हमेशा मिली हुए नजर आएगी.

Vote: 
No votes yet

New Science news Updates

icon Total views
पुराने स्मार्टफ़ोन अब भी काफी काम की चीज़ पुराने स्मार्टफ़ोन अब भी काफी काम की चीज़ 722
सेल्‍फी का एंगल खोलता है पर्सनालिटी के राज सेल्‍फी का एंगल खोलता है पर्सनालिटी के राज 1,009
आपको डेंटिस्‍ट की जरूरत नहीं पड़ेगी आपको डेंटिस्‍ट की जरूरत नहीं पड़ेगी 1,072
मलेरिया से बचा सकती है,आपको मुर्गी की गंध मलेरिया से बचा सकती है,आपको मुर्गी की गंध 902
लघु रूपांतरण से डायनोसोर बने पक्षी लघु रूपांतरण से डायनोसोर बने पक्षी 1,160
ईमेल को हैकरों से कैसे रखें सुरक्षित ईमेल को हैकरों से कैसे रखें सुरक्षित 415
जीमेल ने शुरू की ब्लॉक व अनसब्सक्राइब सेवा जीमेल ने शुरू की ब्लॉक व अनसब्सक्राइब सेवा 521
कम्‍प्‍यूटर से नहीं सुधरती है स्‍कूली बच्‍चों की पढ़ाई कम्‍प्‍यूटर से नहीं सुधरती है स्‍कूली बच्‍चों की पढ़ाई 427
LG वॉलपेपर टीवी जिसे आप दीवार पर चिपका सकेंगे LG वॉलपेपर टीवी जिसे आप दीवार पर चिपका सकेंगे 948
गूगल ग्‍लास नया गूगल ग्‍लास : बिना कांच के 1,820
घोंघे के दिमाग से समझदार बनेगा रोबोट घोंघे के दिमाग से समझदार बनेगा रोबोट 413
 गूगल पर भूल कर भी न करें ये सर्च गूगल पर भूल कर भी न करें ये सर्च 841
स्मार्टफोन के लिए एन्क्रिप्शन क्यों ज़रूरी  है स्मार्टफोन के लिए एन्क्रिप्शन क्यों ज़रूरी है 665
इस साल विज्ञान की सबसे बड़ी खोज इस साल विज्ञान की सबसे बड़ी खोज 3,022
800 साल पुराना मोबाइल फोन पाया गया! 800 साल पुराना मोबाइल फोन पाया गया! 1,608
पृथ्वी के भीतर हो सकते हैं महासागर पृथ्वी के भीतर हैं महासागर जाने विस्तार से 2,984
हवा से बिजली तैयार हो सकेगी हवा से बिजली तैयार हो सकेगी 2,589
फरवरी 2018 के बाद सरकार बंद करेगी ये सिमकार्ड फरवरी 2018 के बाद सरकार बंद करेगी ये सिमकार्ड 1,429
शरीर के अंदर देखने वाला कैमरा तैयार शरीर के अंदर देखने वाला कैमरा तैयार 954
क्‍या जीवनसीमा का पूण विकास हो चुका है क्‍या जीवनसीमा का पूण विकास हो चुका है 830