वर्महोल द्वारा यात्रा

एक अन्य उपाय है वर्महोल से यात्रा। वर्महोल ऐसे सैद्धांतिक शार्टकट है जो अंतरिक्ष के दो बिंदुओं को जोड़ते है। इनकी आस्तित्व प्रमाणित नही है लेकिन ये सैद्धांतिक रूप से संभव है। इसके द्वारा किसी भी दूरी की यात्रा पलक झपकते संभव है। आप किसी वर्महोल के एक छोर से प्रवेश करे और पलक झपकते ही आप किसी अन्य आकाशगंगा या किसी अन्य तारामंडल मे जा सकते है। हमारे पास ऐसे वर्महोल बनाने की तकनिक नही है। मानव सभ्यता को वर्महोल बनाने की तकनिक प्राप्त करने के लिये अभी हजारो या लाखों वर्ष का तकनीकी विकास करना होगा।

इस तरह के शार्टकट का निर्माण करने वाली सभ्यता हमसे हज़ारों नही लाखो करोड़ों वर्ष आगे होगी। इतनी विकसीत सभ्यता पृथ्वी मे क्यों दिलचस्पी लेगी ? उनके लिये तो हम एक आदिम/पाषाण युग के जीव होंगे। उन्हे हमारी किसी भी वस्तु( मे कोई दिलचस्पी नही होगी क्योंकि वे हर वस्तु का निर्माण चुटकियों मे करने मे सक्षम होंगे। अंतरिक्ष मे खनिज संसाधन, जल, स्वर्ण जैसी चीजो की कमी नही है, वे तो उन्हे ऐसे ही प्राप्त कर सकेंगे। मानव को गुलाम जाति बनाने की भी उन्हे कोई आवश्यकता नही होगी क्योंकि उनके पास उनके हर काम करने के लिये रोबोटो की फौज होगी।

वर्महोल का निर्माण कर सकने वाली विकसित सभ्यता के लिये हम किसी कीड़े मकोड़े से अधिक नही होंगे। आप स्वयं सोचे कि क्या आपकी किसी दिमक के ढुंह पर, या चिंटीयाँ के समूह पर कोई दिलचस्पी होती है? क्या आप उनपर आक्रमण करने की सोचते है ?