स्वास्थ्य एवम् चिकित्सा विज्ञान

क्‍या जीवनसीमा का पूण विकास हो चुका है

क्‍या जीवनसीमा का पूण विकास हो चुका है

चुनौतियां सिद्धांतों का कहना है कि मानव जीवन काल एक सीमा तक पहुंच रहा है, शोधकर्ताओं ने पाया है कि अभी कोई भी प्रमाण नहीं मिला है कि मानव जीवन की सीमा बढ़ना बंद हो गई है। इस बारे में कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता है।

पिछले अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि मानव उम्र की उच्‍चतम सीमा करीब 115 वर्ष है।

हालांकि, नेचर जर्नल में प्रकाशित हुए नए अध्‍ययन में, एक निष्‍कर्ष निकला था कि ऐसी कोई लिमिट निर्धारित नहीं किया गया है।

धरती पर सबसे पहले आया ये जीव!

वैज्ञानिकों की नई खोज, धरती पर सबसे पहले आया ये जीव!

अगर आपसे पूछा जाए कि सबसे पहले धरती पर आने वाले जीवधारियों में कौन है, तो आप सही-सही नहीं बता पाएंगे। पर वैज्ञानिकों ने अब दावा किया है कि धरती पर मछलियां सबसे पहले आईं। वो भी 409 मिलियन साल पहले। खास बात ये है कि वैज्ञानिकों को उसके अवशेष मिले हैं। ये मछली आधे फुट लंबी थी और धरती पर झील में आई थी।

वैज्ञानिकों के समूह ने साइंस एडवांस जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया है कि धरती पर आने वाली पहली मछलियों के समूह में से एक का जीवाश्म भी मिला है। इसकी हड्डियों में रीढ़ की हड्डियां मिली हैं।

ख़तरनाक सुपरबग की सूची जारी

सबसे ख़तरनाक सुपरबग की सूची जारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसे बैक्टीरिया की सूची तैयार की है जिन पर दवाइयों का असर नहीं हो रहा है. इन्हें मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा ख़तरा माना जा रहा है.

इस सूची में सबसे ऊपर ई. कोली जैसे ग्राम-नेगेटिव बग हैं जो अस्पताल में भर्ती कमज़ोर मरीज़ों के ख़ून में जानलेवा संक्रमण या नमोनिया फैला सकते हैं.

जर्मनी में होने वाली जी-20 बैठक से पहले इस सूची पर चर्चा की जाएगी.

इसका मकसद सरकारों का ध्यान मुश्किल इलाज वाले संक्रमणों के लिए एंटीबायोटिक खोजने की ओर केंद्रित करना है.

हवाख़ोर योगी विज्ञान के लिए अबूझ पहेली

हवाख़ोर योगी विज्ञान के लिए अबूझ पहेली

वे न कुछ खाते हैं और न पीते हैं. सात दशकों से केवल हवा पर जीते हैं. गुजरात में मेहसाणा ज़िले के प्रहलाद जानी एक ऐसा चमत्कार बन गये हैं, जिसने विज्ञान को चौतरफ़ा चक्कर में डाल दिया है.

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