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घरबैठे कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स

फिजिका माइड भारत सरकार के लघुरूप सुक्षम मंत्रालय से पंजीकृत संस्था है | संस्था २००४ से सेवा में प्रयासरत है | फिज़िका माइंड के द्वारा अब आप घर बैठे कंप्यूटर के सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं जो कि आपको लेटेस्ट ज्ञान से भरपूर होगा और सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी को आप सीखेंगे|

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व्यापार में सफलता के उपाय

आप की कामयाबी को ही हम अपनी कामयाबी मानते हैं आपके व्यापार को सफल बनाने के लिए फिज़िका माइंड आपके लिए वेबसाइट और Android ऐप बनाना चाहता है , और भी बहुत सारे मार्केटिंग के उपाय हमारे पास आप के लिए हैं | हमारी सफलता का कारवां बढ़ता ही जा रहा है जिसमें आपका भी स्वागत है

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प्याज का सेवन करे दूर बिमारी

प्याज का सेवन करे दूर बिमारी

भोजन के रूप में या सलाद के रूप में खाया जाने वाला प्याज सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता। कुछ लोग तो सैंडविच, चटनी या चाट के रूप में भी प्याज का सेवन करते है लेकिन क्या आप जानते है कच्चा प्याज खाना भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। सल्फर, एमिनो एसिड, एंटीबायोटिक्स, फाइबर, कैल्शियम, आयोडीन, फॉस्फोरस, मिनरल्स और विटामिन्स के गुणों से भरपूर 1 कच्चे प्याज का सेवन गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म कर देता है। आज हम आपको बताएंगे कि रोज 1 कच्चा प्याज खाने से कौन-सी 4 बीमारियां जड़ से खत्म हो जाती है।
 

गले में मछली का कांटा फंस जाए तो करें ये काम

मछली खाना कई लोगों का शौक होता है। कुछ लोग इसे फ्राई कर स्नैक्स की तरह खाते हैं तो कुछ लोग इसकी करी बनाकर चावल के साथ खाते हैं। मछली हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती है। क्योंकि इसमें विटामिन, प्रोटीन, वसा और ओमेगा 3 की मात्रा काफी अधिक होती हैं। इस बात में कोई शक नहीं है कि मछली से बनी कोई भी बहुत स्वादिष्ट होती है। लेकिन मछली के अंदर कांटे होने की वजह से बहुत से लोग इसे खाने से परहेज करते हैं।

कीटनाशक खुद तैयार करके ढेरो पैसे का बचत कीजिये

कीटनाशक खुद तैयार करके ढेरो पैसे का बचत कीजिये

1) 20 लीटर किसी भी देसी गौमाता या देसी बैले का मूत्र चाहिए।
2) 20 लीटर मूत्र में लगभग ढार्इ किलो ( आधा किलो कम या ज्यादा हो सकता है ) नीम की पत्ती को पीसकर उसकी चटनी मिलाइए, 20 लीटर मूत्र में। नीम के पत्ते से भी अच्छा होता है नीम की निम्बोली की चटनी ।
3) इसी तरह से एक दूसरा पत्ता होता है धतूरे का पत्ता। लगभग ढार्इ किलो धतूरे के पत्ते की चटनी मिलाइए उसमें।
4) एक पेड़ होता है जिसको आक या आँकड़ा कहते हैं, अर्कमदार कहते हैं आयुर्वेद में। इसके भी पत्ते लगभग ढार्इ किलो लेकर इसकी चटनी बनाकर मिलाए।

ध्यान आता है, एक फुसफुसाहट की तरह

ध्यान आता है, एक फुसफुसाहट की तरह

ध्यान आता है, एक फुसफुसाहट की तरह, वह नारे लगाते हुए नहीं आता । वह बहुत ही चुपचाप आता है.... यदि हम व्यस्त हैं,तो वह प्रतीक्षा करता है । और लौट जाता है ।

षड्जग्राम-तान बोधिनी

षड्जग्राम-तान बोधिनी

षड्जग्राम-तान बोधिनी

षड्जहीन

तानें

ऋषभहीन

तानें

पंचमहीन

तानें

निषादहीन

तानें

षड्जपंचम-

हीन तानें

निषादगांधार-

हीन तानें

पंचमऋषभ-

हीन तानें

अग्निष्टोम

स्विष्टकृत्

अश्वक्रान्त

चातुर्मास्य

इडा

ज्योतिष्टोम

सौभाग्यकृत्

कृषि विधियों के नाम

सेरीकल्चर -- रेशमकीट पालन
एपिकल्चर -- मधुमक्खी पालन
पिसीकल्चर -- मत्स्य पालन
फ्लोरीकल्चर -- फूलों का उत्पादन
विटीकल्चर -- अंगूर की खेती
वर्मीकल्चर -- केंचुआ पालन
पोमोकल्चर -- फलों का उत्पादन
ओलेरीकल्चर -- सब्जियों का उत्पादन
हॉर्टीकल्चर -- बागवानी
एरोपोर्टिक -- हवा में पौधे को उगाना
हाइड्रोपोनिक्स -- पानी में पौधों को उगाना

 

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संगीत रत्नाकर के अनुसार स्वरों के कुल, जाति

संगीत रत्नाकर १.३.५२ के अनुसार स्वरों के कुल, जाति आदि(श्रीमती विमला मुसलगाँवकर की पुस्तक से साभार)

 

षड्ज

ऋषभ

गान्धार

मध्यम

पञ्चम

धैवत

निषाद

जाति

ब्राह्मण

क्षत्रिय

वैश्य

ब्राह्मण

ब्राह्मण

क्षत्रिय

वैश्य

कुल

सहज योग

सहज योग

सहज योग सबसे कठिन योग है; क्योंकि सहज होने से ज्यादा कठिन और कोई बात नहीं। सहज का मतलब क्या होता है?सहज का मतलब होता है: जो हो रहा है उसे होने दें, आप बाधा न बनें। अब एक आदमी नग्न हो गया, वह उसके लिए सहज हो सकता है, लेकिन बड़ा कठिन हो गया। सहज का अर्थ होता है: हवा-पानी की तरह हो जाएं, बीच में बुद्धि से बाधा न डालें;जो हो रहा है उसे होने दें।

बुद्धि बाधा डालती है, असहज होना शुरू हो जाता है। जैसे ही हम तय करते हैं, क्या होना चाहिए और क्या नहीं होना चाहिए,बस हम असहज होना शुरू हो जाते हैं। जब हम उसी के लिए राजी हैं जो होता है, उसके लिए राजी हैं, तभी हम सहज हो पाते हैं।

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