शहद में छिपा है सेहत का राज़

शहद में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, अमीनो एसिड, प्रोटीन और खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। जोकि सेहत के लिए जरूरी होते हैं।

शहद में ग्लूकोज पाया जाता है। साथ ही शहद में पाए जाने वाले  विटामिन शरीर के भीतर जाते ही कुछ ही समय में घुल जाते  है।

बच्चों की खांसी दूर करने के लिए अदरक के रस में शहद मिलाकर देने से खांसी में आराम मिलता है। सूखी खांसी में भी शहद और नींबू का रस लेने से फायदा होता है।

जी मिचला रहा हो या फिर उल्टी आने की शिकायत हो तो शहद लेना चाहिए।

शहद के सेवन से कब्ज भी दूर होती है। कब्ज की शिकायत होने पर टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर खाने से लाभ होता है।

यदि आप वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो रात में दूध में शहद डालकर पियें ।

मांसपेशी मजबूत करनी हो, ब्लड प्रेशर सामान्य करना हो या हीमोग्लोबिन बढ़ाना हो तो  शहद का इस्तेमाल करें ।

अगर आप थकान महसूस करते हैं या फिर आपको एनीमिया है तो आप नियमित रूप से शहद का सेवन कर इस बीमारी को दूर कर सकते हैं ।

वजन बढ़ाने और  वजन घटाने के लिए भी शहद लाभकारी है। आप यदि गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर सुबह खाली पेट लेंगे तो कुछ ही समय में आप अपना वजन कम होते हुए देख सकते हैं।

आर्थराइटिस के दर्द से निजात पानी हो या फिर जोड़ों में अधिक दर्द हो तो शहद में दालचीनी का पाउडर मिलाकर मसाज करना चाहिए इस से दर्द दूर हो जायेगा ।

जुकाम दूर करने के लिए शहद, अदरक और तुलसी के पतों का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चाटने से राहत मिलती है।

यदि आपको ठीक तरह से नींद नहीं आती है तो रात को दो चम्मच शहद खाकर सोना लाभकारी होता है ।

गर्भावस्था के दौरान शहद का सेवन करने से होने वाला बच्चा स्वस्थ एवं मानसिक तौर से तेज़ होता है ।

त्वचा के जल जाने, कट जाने या छिल जाने पर भी शहद लगाने से लाभ मिलता है।

आखों में रोज 1-2 शहद की बूंद डालने से आखों की रोशनी बढ़ती है।

शहद का रोजाना सेवन करने से दिल और दिमाग की शक्ति बढ़ती है।

शहद को अनार के रस में मिलाकर लेने से दिमागी कमजोरी, सुस्ती, निराशा तथा थकावट आदि दूर होते है

दिल के लिए भी शहद गुणकारी है, मीठी सौंफ  के साथ 1-2 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से दिल को मजबूत तो करता ही है। दिल को सुचारू रूप से कार्य करने में भी मदद करता है।

कैसे करें असली शहद की पहचान :

कांच के गिलास में पानी भरकर शहद की एक बूंद टपकाने के बाद सीधी तली तक जाकर बैठ जाए तो शहद शुद्ध होगा। शहद की एक बूंद लकड़ी या किसी प्लेट पर टपका दें, आग लगा दें, असली शहद तत्काल जलेगा, नकली देर से जलेगा।

शुद्ध शहद सुगंधित होता है, जाड़े में जम जाता है, गर्मी में पिघल जाता है।  शुद्ध शहद क दाग नहीं लगता। किसी प्लेट पर चार बूंद टपकाएं को नीचे सांप की कुंडली जैसी बन जाती है।

शुद्ध शहद में मक्खी के पंख फंसेंगे नहीं। आंख पर लगाने से जलन करेगा, लेकिन चिरमिराहट नहीं करेगा, बल्कि थोड़ी देर बाद ठंड़क देगा। देखने में पारदर्शी व साफ नजर आता है।

सावधान रहें शहद का सेवन करते वक़्त :

गर्म करके गर्म पदार्थों के साथ  सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्म किया शहद, गर्म पदार्थ एवं जो छूने में गर्म लगे ऐसे पदार्थों के साथ दिया शहद एकदम हानिप्रद साबित होता है।

दूध व जल के  साथ सेवन करते  समय दोनों वस्तुएं ठंडी होना चाहिए।

शहद व घी समान मात्रा में मिलाकर कभी भी सेवन नहीं करना चाहिए।

जल भी समान मात्रा में नहीं होना चाहिए।

घी की मात्रा 1/4 चौथाई व पानी की चार गुना होना चाहिए।

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