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घरबैठे कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स

फिजिका माइड भारत सरकार के लघुरूप सुक्षम मंत्रालय से पंजीकृत संस्था है | संस्था २००४ से सेवा में प्रयासरत है | फिज़िका माइंड के द्वारा अब आप घर बैठे कंप्यूटर के सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं जो कि आपको लेटेस्ट ज्ञान से भरपूर होगा और सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी को आप सीखेंगे|

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व्यापार में सफलता के उपाय

आप की कामयाबी को ही हम अपनी कामयाबी मानते हैं आपके व्यापार को सफल बनाने के लिए फिज़िका माइंड आपके लिए वेबसाइट और Android ऐप बनाना चाहता है , और भी बहुत सारे मार्केटिंग के उपाय हमारे पास आप के लिए हैं | हमारी सफलता का कारवां बढ़ता ही जा रहा है जिसमें आपका भी स्वागत है

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ध्वनि के केंद्र में स्नान करो

ध्वनि के केंद्र में स्नान करो, मानो किसी जलप्रपात की अखंड ध्वनि में स्नान कर रहे हो। या कानों में अंगुली डाल कर नादों के नाद, अनाहत को सुनो।

इस विधि का प्रयोग कई ढंग से किया जा सकता है। एक ढंग यह है कि कहीं भी बैठ कर इसे शुरू कर दो। ध्वनियां तो सदा मौजूद हैं। चाहे बाजार हो या हिमालय की गुफा, ध्वनियां सब जगह हैं। चुप होकर बैठ जाओ। Read More : ध्वनि के केंद्र में स्नान करो about ध्वनि के केंद्र में स्नान करो

आज के युग मे ओशो सक्रिय ध्यान

आज के युग मे ओशो सक्रिय ध्यान

आज के युग मे ओशो सक्रिय ध्यान एक ऐसा ध्यान है जो शरीर ओर मन दोनो को रिलेक्स करता है ओर नई शक्ति को जगाता है ओर कई शारीरीक मानसिक बिमारियों से तुरन्त छुटकारा दिलाता है पतंजलि ने पांच हजार साल पहले योग और ध्यान की विधियां जिस 'आदमी' के लिए दी थीं, वह 'आदमी' अब नहीं है। जैसा आदमी आज इंटनेट के इस युग में अंधी विकास की दौड़ में जिस प्रतिस्पर्धा व तनाव को जी रहा है, ऐसा आदमी जमीन पर पहले कभी भी नहीं था।यह बड़ी नई घटना है। इस नई घटना को सोचकर ओशो ने ध्यान की कुछ नई पद्धतियों का समावेश किया है। इसके पहले कि आप ध्यान में उतरें, आपके तनावों व दमन का रेचन यानी उनका हट जाना जरूरी है। आज अष्‍टांग योग के Read More : आज के युग मे ओशो सक्रिय ध्यान about आज के युग मे ओशो सक्रिय ध्यान

चूना अमृत है : बीमारी ठीक कर देते है

चूना अमृत है : बीमारी ठीक कर देते है

चूना जो आप पान में खाते है वो सत्तर
बीमारी
ठीक कर देते है....!

" चूना अमृत है " .. * चूना एक टुकडा छोटे से मिट्टी के
बर्तन मे डालकर
पानी से भर दे , चूना गलकर नीचे और पानी ऊपर होगा !

वही एक चम्मच पानी किसी
भी खाने की
वस्तु के साथ लेना है ! 50 के उम्र के बाद
कोई
कैल्शियम की दवा शरीर मे जल्दी नही
घुलती चूना
तुरन्त घुल व पच जाता है ... Read More : चूना अमृत है : बीमारी ठीक कर देते है about चूना अमृत है : बीमारी ठीक कर देते है

साक्षी को खोजना— ओशो

साक्षी को खोजना— ओशो

शिव ने कहा: होश को दोनों भौहों के मध्‍य में लाओ और मन को विचार के समक्ष आने दो।देह को पैर से सिर तक प्राण तत्‍व से भर जाने दो, ओर वहां वह प्रकाश की भांति बरस जाए।

वह विधि पाइथागोरस को दी गई थी। पाइथागोरस वह विधि लेकर ग्रीस गया। और वास्‍तव में यह पश्‍चिम में सारे रहस्‍यवाद का उद्गम बन गया। स्‍त्रोत बन गया। वह पश्‍चिम में पूरे रहस्‍यवाद का जनक है।

यह विधि बहुत गहन पद्धतियों में से है। इसे समझने का प्रयास करो: “होश को दोनों भौहों के मध्‍य में लाओ।” Read More : साक्षी को खोजना— ओशो about साक्षी को खोजना— ओशो

ओशो —हर चक्र की अपनी नींद

ओशो —हर चक्र की अपनी नींद

सहस्‍त्रार को छोड़ कर प्रत्‍येक चक्र की अपनी नींद है। सातवें चक्र में बोध समग्र होता है। यह विशुद्ध जागरण की अवस्‍था है। इसीलिए कृष्‍ण गीता में कहते है कि योगी सोता नहीं।

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पंख की भांति छूना ध्‍यान —ओशो

शिव ने कहा: आँख की पुतलियों को पंख की भांति छूने से उसके बीच का हलका पन ह्रदय में खुलता है।

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जिबरिश ध्यान विधि

इस ध्यान प्रयोग में आपको जब्बार बन जाना है। यह एक घंटे का ध्यान है; बीस-बीस मिनट के तीन चरण हैं। सायं तीन से छह बजे के बीच इसे करें।

osho

पहला चरण : खुले आकाश के नीचे विश्रामपूर्वक मुद्रा में लेट जाएं और खुली आंख से आकाश में झांकें। किसी बिन्दु-विशेष पर नहीं, बल्कि सम्पूर्ण आकाश में।

 

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ध्यान विधि : - ओशो

" ध्यान चेतना की विशुद्ध अवस्था है-जहां कोई विचार नहीं होते, कोई विषय नहीं होता। साधारणतया हमारी चेतना विचारों से, विषयों से, कामनाओं से आच्छादित रहती है। जैसे कि कोई दर्पण धूल से ढंका हो। हमारा मन एक सतत प्रवाह है- विचार चल रहे हैं, कामनाएं चल रही हैं, पुरानी स्मृतियां सरक रही हैं- रात-दिन एक अनवरत सिलसिला है। नींद में भी हमारा मन चलता रहता है, स्वप्न चलते रहते हैं। यह अ-ध्यान की अवस्था है। ठीक इससे उलटी अवस्था ध्यान की है।जब कोई विचार नहीं चलते और कोई कामनाएं सिर नहीं उठातीं, सारा ऊहापोह शांत हो जाता है और हम परिपूर्ण मौन में होते हैं-वह परिपूर्ण मौन ध्यान है। और उसी परिपूर्ण मौन में सत्य Read More : ध्यान विधि : - ओशो about ध्यान विधि : - ओशो

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