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घरबैठे कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स

फिजिका माइड भारत सरकार के लघुरूप सुक्षम मंत्रालय से पंजीकृत संस्था है | संस्था २००४ से सेवा में प्रयासरत है | फिज़िका माइंड के द्वारा अब आप घर बैठे कंप्यूटर के सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं जो कि आपको लेटेस्ट ज्ञान से भरपूर होगा और सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी को आप सीखेंगे|

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व्यापार में सफलता के उपाय

आप की कामयाबी को ही हम अपनी कामयाबी मानते हैं आपके व्यापार को सफल बनाने के लिए फिज़िका माइंड आपके लिए वेबसाइट और Android ऐप बनाना चाहता है , और भी बहुत सारे मार्केटिंग के उपाय हमारे पास आप के लिए हैं | हमारी सफलता का कारवां बढ़ता ही जा रहा है जिसमें आपका भी स्वागत है

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भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है

भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है। सामवेद में संगीत के बारे में गहराई से चर्चा की गई है। भारतीय शास्त्रीय संगीत गहरे तक आध्यात्मिकता से प्रभावित रहा है, इसलिए इसकी शुरुआत मनुष्य जीवन के अंतिम लक्ष्य 'मोक्ष' की प्राप्ति के साधन के रूप में हुई। संगीत की महत्ता इस बात से भी स्पष्ट है कि भारतीय आचार्यों ने इसे 'पंचम वेद' या 'गंधर्व वेद' की संज्ञा दी है। भरतमुनि का 'नाट्यशास्त्र' पहला ऐसा ग्रंथ था, जिसमें नाटक, नृत्य और संगीत के मूल सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया था।

सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं।

सप्तक क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को कहते हैं। सातों स्वरों के नाम क्रमश: सा, रे, ग, म, प, ध और नि हैं। इसमें प्रत्येक स्वर की आन्दोलन संख्या अपने पिछले स्वर से अधिक होती है। दूसरे शब्दों में सा से जैसे-जैसे आगे बढ़ते जाते हैं, स्वरों की आन्दोलन संख्या बढ़ती जाती है। रे की आन्दोलन संख्या सा से, ग, की, रे, से, व, म, की, ग, से अधिक होती है। इसी प्रकार प, ध और नी की आन्दोलन संख्या अपने पिछले स्वरों से ज़्यादा होती है। पंचम स्वर की आन्दोलन संख्या सा से डेढ़ गुनी अर्थात् 3/2 गुनी होती है। उदाहरण के लिए अगर सा की आन्दोलन संख्या 240 है तो प की आन्दोलन संख्या 240 की 3/2 गुनी 360 होगी। प्रत्

मौसमी का जूस पीने के फायदे

मौसमी का जूस पीने के फायदे

 नियमित मौसम्बी जूस पीने से भूख बढ़ती है, रक्त शुद्ध होता है और पुरुषों मेंशुक्राणु की संख्या और क्वालिटी में वृद्धि होती है.

वजन घटाने और ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल के लिए मौसम्बी जूस के साथ एक गिलास हल्का गर्म पानी और शहद पीयें.

मौसम्बी में विटामिन C प्रचुर मात्रा में होता है, अतः मौसम्बी का जूस पीने से स्किन में चमक आ जाती है, स्किन टाइट होती है.

 पीलिया के रोगी को मौसमी जूस पीना चाहिए. यह पीलिया के लक्षणों को कम करता है, लीवर की कार्यप्रणाली ठीक करता है. इसीलिए डॉक्टर भी पीलिया रोगी को यह जूस पीने की सलाह देते हैं.

दही खाने के बेहतरीन फायदो और खूबियों के बारे में जानें क्या हैं

 दही खाने के बेहतरीन फायदो और खूबियों के बारे में जानें क्या हैं

दही खाये और सेहत बनाए

दही खाने से सभी को बहुत सारे फायदे होते है दही को बहुत शुभ माना जाता है जैसे किसी भी जॉब के लिए जाना या किसी भी शुभ कार्य को प्रारम्भ करने से पहले दही को खाते है इसलिए दही स्वास्थ्य के लिए और किसी भी कार्य को करने के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है दही खाना और उसके फायदे निम्न प्रकार है  

मूंगफली खाने के आत्याधिक फायदे

मूंगफली खाने के कई ऐसे फायदे होते हैं, जो खाने वालों को भी नहीं पता होते हैं। ऐसे में अनजाने में ही कुछ ऐसे हेल्दी फायदे मिलने लगते हैं। दूध और अंडे में इसके मुकाबले कम प्रोटीन होता है।यह आयरन, नियासिन, फोलेट, कैल्शियम और जिंक का अच्छा स्रोत हैं। थोड़े से मूंगफली के दानों में 426 कैलोरीज, 5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 17 ग्राम प्रोटीन और 35 ग्राम वसा होती है। इसमें विटामिन ई, के और बी6 भी भरपूर मात्रा में पाए जाते है। इसे खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है। कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में 5.1 फीसदी की कमी आती है। इसके अलावा कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एलडीएलसी) की मात्र

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