इसरो निजी क्षेत्र से जुड़ने को तैयार

 इसरो निजी क्षेत्र से जुड़ने को तैयार

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी अब भी नाबाद है और आगामी प्रक्षेपणों में चौके-छक्के जड़ कर वह टी-20 मैचों की गति से अपने जौहर दिखाने के लिए तैयार है.
    
अपनी तरह का पहला साहसिक कदम उठाते हुए इसरो अंतरिक्ष यानों के सिर्फ कुछ हिस्से बनाने के लिए नहीं बल्कि पूरे-पूरे उपग्रह बनाने के लिए निजी क्षेत्र के लिए दरवाजे खोल रहा है. अंतरिक्ष के क्षेत्र में यह इसरो की एक बड़ी छलांग है क्योंकि अब तक वह सभी उपग्रहों का निर्माण संस्था के भीतर ही करता आया है.
    

क्या आपके नाखून कीटाणु रहित हैं ?

क्या आपके नाखून कीटाणु रहित हैं ?

बीमारियों से बचने के लिए सबसे बड़ा नुस्ख़ा जो बताया जाता है वो है हाथ साफ़ रखने का. डॉक्टर हों या घर के बड़े बुजुर्ग, सब कहते हैं कि अपने हाथ हमेशा साफ़ रखें. शौच के बाद हाथों को साबुन से धोएं. खाने से पहले हाथ ज़रूर धोएं, वग़ैरह. लोग कहते हैं कि हाथ साफ़ रखने से कीटाणु नहीं फैलते. खाने-पीने का धंधा करने वालों को ख़ास तौर से हाथ साफ़ रखने को कहा जाता है.
मगर होता यूं है कि चाहे आप जितना हाथ रगड़ लें, उनसे बैक्टीरिया कभी पूरी तरह ख़त्म नहीं होते. इसीलिए अब मरीज़ों से बात करते वक़्त या उनकी पड़ताल करते वक़्त डॉक्टर और नर्स हाथों में दस्ताने पहनते हैं.

महिला के आकार की बनावट वाले इस फूल की वास्तविकता?

महिला के आकार की बनावट वाले इस फूल की वास्तविकता?

दुनिया भर में फूलों की विभिन्न प्रकार की प्रजातियां होती हैं। कुछ फूल अपनी बनावट और आकार के कारण लोगों को काफी आकर्षित करते हैं। इसी तरह का एक फूल सामने आया है जिसे नारीलता अथवा लियाथाम्बरा कहा जा रहा है। इस कथित फूल की बनावट नेक्ड महिला जैसी है। महिला के आकार की तरह दिखने वाला यह फूल सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हो गया है। हालांकि, इस फूल की प्रामाणिकता को लेकर कुछ निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता। 

नया कैमरा प्रकाश की गति से तस्वीर लेने में सक्षम है

नया कैमरा प्रकाश की गति से तस्वीर लेने में सक्षम है

नया कैमरा प्रकाश की गति से तस्वीर लेने में सक्षम है 
वैज्ञानिकों ने एक नई कैमरा तकनीक का विकास किया है जो आज के व्यावसायिक कैमरों की तुलना में 100 गुना अधिक तेजी के साथ तस्वीर लेने में सक्षम है.
नई तकनीक से न्यूरॉन फायरिंग, रासायनिक प्रतिक्रियाएं, इंधन के प्रज्जवलन और रासायनिक विस्फोट जैसी तेज प्रक्रियाओं के अध्ययन की संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं. 

घोंघे के दिमाग से समझदार बनेगा रोबोट

घोंघे के दिमाग से समझदार बनेगा रोबोट

एक शोध में सामने आया है कि घोंघा के मस्तिष्क में मात्र दो ही कोशिकाएं होने के बावजूद यह मुश्किल परिस्थिति में कठिन फैसला लेने में सक्षम होता है.
घोंघा के दिमाग की इस खूबी से वैज्ञानिक प्रभावित हैं और वह रोबोट का दिमाग ऐसा ही बनाना चाहते हैं ताकि उसे वह आधिक प्रभावी और समझदार बन सके.

शोध के अनुसार घोंघा भले ही तुरंत निर्णय नहीं ले पाते लेकिन वे कठिन परिस्थितियों में अपना दिमागी संतुलन बनाए रखते हैं और कड़े निर्णय लेने में सक्षम होते हैं. 

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