कौशल भारत कुशल भारतप्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

कौशल भारत कुशल भारत

मिडिया

फिज़िका माइंड पोर्टल में आपका हार्दिक स्वागत है ,फिज़िका माइंड आपका अपना वेब पोर्टल है इस वेबसाइट में आप हमें समाज से जुडी न्यूज़, कृषि से जुडी न्यूज़ , शिक्षा,समाज न्यूज़ पेपर कटिंग , न्यूज़ के विडियो क्लिप भेज सकते है समाज से जुडी सभी जानकारियो को एक ही जगह समाहित करने का प्रयास किया गया है।

Read more

घरबैठे कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स

फिजिका माइड भारत सरकार के लघुरूप सुक्षम मंत्रालय से पंजीकृत संस्था है | संस्था २००४ से सेवा में प्रयासरत है | फिज़िका माइंड के द्वारा अब आप घर बैठे कंप्यूटर के सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं जो कि आपको लेटेस्ट ज्ञान से भरपूर होगा और सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी को आप सीखेंगे|

Read more

व्यापार में सफलता के उपाय

आप की कामयाबी को ही हम अपनी कामयाबी मानते हैं आपके व्यापार को सफल बनाने के लिए फिज़िका माइंड आपके लिए वेबसाइट और Android ऐप बनाना चाहता है , और भी बहुत सारे मार्केटिंग के उपाय हमारे पास आप के लिए हैं | हमारी सफलता का कारवां बढ़ता ही जा रहा है जिसमें आपका भी स्वागत है

Read more

जानिए अनार का जूस पीने के और अनार को खाने के फायदे

आज हम आपको बताने जा रहे है अनार के बारे में जिसके खाने के अनेक फायदे है वैसे अनार का नाम आते ही हम सबके जह्न में यही कहावत याद आती हे की ‘एक अनार सो बीमार’। हम सभी लोग जानते हैं कि अनार और अनार का ज्यूस स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। नियमित रुप से इसका सेवन करने से सिर्फ खून बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि रूप निखारने के लिए भी काम करता हे

अनार में उच्च मात्रा में Vitamin A, E और C होता है. ये Vitamin बढ़ती उम्र के लक्षणों को जल्दी आने से रोकते हैं ये त्वचा की महीन रेखाओं और झुर्रियों को जल्दी आने से रोकता है।

सुपारी के सेवन से किया जा सकता है पागलपन को कम

पान का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सुपारी आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. सुपारी पेट से जुड़ी समस्याओं जैस गैस, सूजन, कब्ज, पेट के कीड़े आदि के इलाज के लिए बहुत कारगर होती है.

पान का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सुपारी आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. सुपारी पेट से जुड़ी समस्याओं जैस गैस, सूजन, कब्ज, पेट के कीड़े आदि के इलाज के लिए बहुत कारगर होती है.

उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां

उस्ताद बड़े ग़ुलाम अली ख़ां

 में हुआ बाद में उन्होंने अपने पिता अली बख्श खां, चाचा काले खां और बाबा शिंदे खां से संगीत के गुर सीखे। इनके पिता महाराजा कश्मीर के दरबारी गायक थे और वह घराना "कश्मीरी घराना" कहलाता था। जब ये लोग पटियाला जाकर रहने लगे तो यह घराना "पटियाला घराना" के नाम से जाना जाने लगा। अपने सधे हुए कंठ के कारण बड़े गुलाम अली खां ने बहुत प्रसिद्ध पाई। सन १९१९ के लाहौर संगीत सम्मेलन में बड़े गुलाम अली खां ने अपनी कला का पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन किया। इसके कोलकाता और इलाहाबाद के संगीत सम्मेलनों ने उन्हें देशव्यापी ख्याति दिलाई। उन्होंने अपनी बेहद सुरीली और लोचदार आवाज तथा अभिनव शैली के बूते ठुमरी को एकदम न

हर 4 में से 1 भारतीय बच्चे को है डिप्रेशन!

आज विश्व स्वास्थ्य दिवस यानी वर्ल्ड हेल्थ डे है. विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO की स्थापना के उपलक्ष्य में हर साल 7 अप्रैल को मनाए जानेवाले इस दिन हर वर्ष स्वास्थ्य से संबंधित एक थीम का चयन किया जाता है. इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम है डिप्रेशन. प्रस्तुत हैं डिप्रेशन से संबंधित WHO की ताज़ा रिपोर्ट की ख़ास बातें.  

बाह्य प्राणायाम त्रिबन्ध के साथ

बाह्य प्राणायाम त्रिबन्ध के साथ

सबसे पहले मध्यपट को निचे झुकाये और फेकडो को फुलाने की कोशिश करे और ऐसा महसुस करे जैसे की आपकी गले की हड्डियाँ फूल रही हो. तेज़ी से साँस छोड़ते जाये और ऐसा करते समय अपने पेट पर भी थोडा जोर दे. शरीर के मध्यपट से साँस ऊपर फेकने की कोशिश करते रहे. अब धीरे-धीरे अपनी छाती को ठोड़ी लगाने की कोशिश करे और अपने पेट को हल्के हाथो से दबाकर साँस बाहर निकलने की कोशिश करते रहे. आपको ऐसा करने की जरुरत है, ऐसा आपको करना ही पड़ेगा. इस अवस्था में जितनी भी देर तक आप अपने आप को रख सकते है उतनी देर तक रहे. अब धीरे-धीरे अपने पेट और मध्यपट को छोड़े और उन्हें हल्का महसुस होने दे.

ख्याल गायकी के घरानेएक दृष्टि : भाग्यश्री सहस्रबुद्धे

ख्याल, ध्रुपद गायन, ध्रुपद गायक, ध्रुपद का इतिहास, ख्याल गीत, ध्रुपद ताल, ख्याल शायरी, ध्रुपद गायकी

किसी भी ख्याल शैली की उत्पत्ति दो प्रकार से मानी गई है- एक तो किसी व्यक्ति या जाति के नाम से, जैसे सैनी घराना, कव्वाल घराना आदि और दूसरे किसी स्थान के नाम से|
ख्याल वर्तमान में प्रचलित सर्वाधिक लोकप्रिय शैली है| वस्तुत: एक गायक का चिंतन ख्याल में उभरकर सामने आता है| स्वर एक केंद्र बिंदु है, जिस पर साधक का ध्यान लगता है|

गुरु की परिभाषा

गुरु की परिभाषा

गुरु की परिभाषा
'गुरु' शब्द में 'गु' का अर्थ है 'अंधका' और 'रु' का अर्थ है 'प्रकाश' अर्थात गुरु का शाब्दिक अर्थ हुआ 'अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला मार्गदर्शक'। सही अर्थों में गुरु वही है जो अपने शिष्यों का मार्गदर्शन करे और जो उचित हो उस ओर शिष्य को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। गुरु उसको कहते हैं जो वेद-शास्त्रों का गृणन (उपदेश) करता है अथवा स्तुत होता है। [1] मनुस्मृति [2] में गुरु की परिभाषा निम्नांकित है-

ध्यान:: त्राटक ध्यान : ओशो

ओशो ने अचेतन का सामना करने के लिए एक बहुत ही सरल प्रयोग करने का सुझाव दिया है। यह प्रयोग एक घंटे का है। पहला चरण चालीस मिनट का और दूसरा चरण बीस मिनट का है।

 

पहला चरण :

 

Pages