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घरबैठे कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स

फिजिका माइड भारत सरकार के लघुरूप सुक्षम मंत्रालय से पंजीकृत संस्था है | संस्था २००४ से सेवा में प्रयासरत है | फिज़िका माइंड के द्वारा अब आप घर बैठे कंप्यूटर के सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं जो कि आपको लेटेस्ट ज्ञान से भरपूर होगा और सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी को आप सीखेंगे|

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व्यापार में सफलता के उपाय

आप की कामयाबी को ही हम अपनी कामयाबी मानते हैं आपके व्यापार को सफल बनाने के लिए फिज़िका माइंड आपके लिए वेबसाइट और Android ऐप बनाना चाहता है , और भी बहुत सारे मार्केटिंग के उपाय हमारे पास आप के लिए हैं | हमारी सफलता का कारवां बढ़ता ही जा रहा है जिसमें आपका भी स्वागत है

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हँसने के पाँच फायदे

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1) हंसने से हद्रय की एक्सरसाइज हो जाती है। रक्त का संचार अच्छीतरह होता है। हँसने पर शरीर से एंडोर्फिन रसायन निकलता है, ये द्रव्य ह्रदय को मजबूत बनाता है। हँसने से हार्ट-अटैक की संभावना कम हो जाती है। 
2) एक रिसर्च के अनुसार ऑक्सीजन की उपस्थिती में कैंसर कोशिका और कई प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया एवं वायरस नष्ट हो जाते हैं। ऑक्सीजन हमें हँसने से अधिक मात्रा में मिलती है और शरीर का प्रतिरक्षातंत्र भी मजबूत हो जाता है। 

ओशो नटराज ध्‍यान की विधि

ओशो नटराज ध्‍यान की विधि

ओशो नटराज ध्‍यान ओशो के निर्देशन में तैयार किए गए संगीत के साथ किया जा सकता है। यह संगीत ऊर्जा गत रूप से ध्‍यान में सहयोगी होता है। और ध्‍यान विधि के हर चरण की शुरूआत को इंगित करता है।

नृत्‍य को अपने ढंग से बहने दो; उसे आरोपित मत करो। बल्‍कि उसका अनुसरण करो, उसे घटने दो। वह कोई कृत्‍य नहीं, एक घटना है। उत्‍सवपूर्ण भाव में रहो, तुम कोई बड़ा गंभीर काम नहीं कर रहे हो; बस खेल रहे हो। अपनी जीवन ऊर्जा से खेल रहे हो, उसे अपने ढंग से बहने दे रहे हो। उसे बस ऐसे जैसे हवा बहती है और नदी बहती है, प्रवाहित होने दो……तुम भी प्रवाहित हो रहे हो, बह रहे हो, इसे अनुभव करो।

ओशो – अपनी नींद में ध्‍यान कैसे करें

धीरे-धीरे ध्‍यान तुम्‍हारे संपूर्ण जीवन में व्‍याप्‍त हो जाना चाहिए। यहां तक की सोने के लिए जाते समय भी।

स्‍त्री-पुरूष जोड़ों के लिए नाद ब्रह्म ध्‍यान

ओशो ने इस विधि का एक भिन्‍न रूप जोड़ों के लिए दिया है। स्‍त्री और पुरूष आमने सामने बैठ जायें। और अपने हाथ क्रॉस करके एक दूसरे के हाथों को पकड ले। फिर पूरे शरीर को एक बड़े कपड़ से ढंक लेते है। यदि वे निर्वस्‍त्र हो तो और भी अच्‍छा होगा। कमरे में मंद प्रकाश जैसे छोटी-छोटी चार मोमबत्तियाँ जल रही हों। केवल एक ध्‍यान के लिए अलग से रखी एक अगरबत्‍ती का उपयोग कर सकते है।

आंखे बंद कर लें और तीस मिनट तक एक साथ, भौंरे की गुंजार करें। कुछ ही समय में महसूस होगा की ऊर्जा एक दूसरे में मिल रही है।

त्राटक-एकटक देखने की विधि है |

त्राटक-एकटक

यदी आप लंबे समय तक कुछ महिनो के लिए, प्रतिदीन एक घंटा ज्योत की लौ को अपलक देखते रहे तो आपकी तीसरी आंख पूरी तरह सक्रिय हो जाती है। आप अधिक प्रकाशपूर्ण, अधिक सजग अनुभव करते है। त्राटक शब्द जीस मूल से आता है उसका अर्थ है:आंसु। तो आपकी ज्योत की लौ को तबतक अपलक देखते रहेना है जबतक आंखो से आंसु न बहने लगे। एकटक देखते रहे बिना पलक जपकाए आपकी तीसरी आंख सक्रिय होने लगेगी। एकटक देखने की विधि असल मे कीसी विषय मे संबधीत नही है। इसका संबध देखने मात्र से है। क्योकी आप जब बिना पलक जपकाए एकटक देखते है तब आप एकाग्र हो जाते है। और मन का स्वभाव है भटकना। यदी आप एकटक देखे रहे है,जरा भी हिले डूले बिना, तो मन अव

चक्रमण सुमिरन एक वरदान है

चक्रमण सुमिरन एक वरदान है. इसे गौतम बुद्ध ने आविष्कृत किया था इसके मूल स्वरूप में. यह एक ऐसी विधि है जिसमे व्यायाम, प्राणायाम. भक्ति, स्मरण, ध्यान, ऊर्जा ग्रहण, आदि विधाओं का सुंदर समन्वय है. सद्गुरु त्रिविर की अपार करुणा से यह ओशो धारा साधकों के लिए उपलब्ध है. इसकी महत्ता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है की प्रत्येक समाधि में सद्गुरु स्वयं प्रत्येक साधक को इसके लिए प्रशिक्षित करते हैं. 
सद्गुरु का आग्रह है की यदि किसी दिन सुमिरन छूट जाए तो भी प्रयास होना चाहिए की चक्रमण न छूते.
एक दिन चक्रमण सुमिरन के छूटने से ७ दिन पीछे हो जाती है साधना.

स्वर्णिम प्रकाश ध्यान : ओशो

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श्वास भीतर लेते हुए स्वर्णिम प्रकाश को सिर से अपने भीतर आने दो, क्योंकि वहीं पर ही स्वर्ण-पुष्प प्रतीक्षा कर रहा है। वह स्वर्णिम प्रकाश सहायक होगा। वह तुम्हारे पूरे शरीर को स्वच्छ कर देगा और उसे सृजनात्मकता से पूरी तरह भर देगा। यह पुरुष ऊर्जा है...

अपनी श्वास का स्मरण रखें

"अगर तुम अपनी सांस पर काबू पा सको तो अपनी भावनाओं पर काबू पा सकोगे। अवचेतन सांस की लय को बदलता रहता है, अत: अगर तुम इस लय के प्रति और उसमें होने वाले सतत बदलाव के बारे में होश से भर जाओगे तो तुम अपनी अवचेतन जड़ों के बारे में, अवचेतन की गतिविधि के बारे में सजग हो जाओगे।"
दि न्यू एल्केमी

1) जब भी स्मरण हो, दिन भर गहरी सांस लो, जोर से नहीं वरन धीमी और गहरी; और शिथिलता अनुभव करो, तनाव नहीं।

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