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घरबैठे कंप्यूटर सर्टिफिकेट कोर्स

फिजिका माइड भारत सरकार के लघुरूप सुक्षम मंत्रालय से पंजीकृत संस्था है | संस्था २००४ से सेवा में प्रयासरत है | फिज़िका माइंड के द्वारा अब आप घर बैठे कंप्यूटर के सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं जो कि आपको लेटेस्ट ज्ञान से भरपूर होगा और सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी को आप सीखेंगे|

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व्यापार में सफलता के उपाय

आप की कामयाबी को ही हम अपनी कामयाबी मानते हैं आपके व्यापार को सफल बनाने के लिए फिज़िका माइंड आपके लिए वेबसाइट और Android ऐप बनाना चाहता है , और भी बहुत सारे मार्केटिंग के उपाय हमारे पास आप के लिए हैं | हमारी सफलता का कारवां बढ़ता ही जा रहा है जिसमें आपका भी स्वागत है

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स्मार्टफोन का बुरा असर

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इस रिसर्च पेपर ने अंदेशा जताया है कि एलईडी लाइट्स के बढ़ते इस्तेमाल का दिमाग़ी तौर पर बीमार लोगों के इलाज पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. इसी तरह, अगर सेहतमंद लोगर वो मोबाइल या दूसरे तरह के डिजिटल ऐप के ज़रिए अपनी सेहत की निगरानी करते हैं. जैसे कि मूड में बदलाव, या ब्लड प्रेशर नापना और अगर वो ये काम सोने से ठीक पहले करते हैं. तो, इसका बुरा असर उनकी नींद पर पड़ता है. उनकी बॉडी क्लॉक गड़बड़ हो जाती है. इसका उनकी सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव होता है.

सेहत से खेलता रसायनों का ज़हर

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खेती में कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से कहीं, 07 वर्ष की लड़कियों में माहवारी शुरू हो रही है, तो कहीं मनुष्यों के सेक्स में ही परिवर्तन हुआ जा रहा है। विश्व बैंक के अनुसार दुनिया में 25 लाख लोग प्रतिवर्ष कीटनाशकों के दुष्प्रभावों के शिकार होते हैं, जिसमें से 05 लाख लोग काल के गाल में समा जाते हैं। फसलों में कीटनाशकों का बढ़ता हुआ प्रयोग क्या कहर बरपा रहा है, पढें इस शोधपरक लेख में।
खेतों के ज़रिये शरीर में उतरता ज़हर
कृषि रसायनों से दूषित होता पर्यावरण एवं स्वास्थ्य

'सोने के पहले न देखें फोन'

रात को सोते समय क्या करना चाहिए, रात को सोने से पहले क्या करना चाहिए

नीली रोशनी के हमारे ऊपर असर को लेकर पहले भी रिसर्च हुई हैं. ये रिसर्च बताती हैं कि नीली रोशनी की वजह से हमारे शरीर को नींद की याद दिलाने वाले केमिकल मेलाटोनिन का रिसाव रुक जाता है. इससे हमारी नींद पर प्रभाव पड़ता है. नींद न आने से हमारी 'क्वालिटी ऑफ़ लाइफ़' गिरती है. दिमाग़ी सेहत बुरी होती जाती है.

हमारे दिमाग़ी तौर पर बीमार होने का ख़तरा बढ़ जाता है. बच्चों और किशोरों में नींद न आने या बेवक़्त आने पर हुई रिसर्च बताती हैं कि इसक सीधा ताल्लुक़, उनके डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल से है. मसलन, कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफ़ोन.

बाइपोलर डिस-ऑर्डर को न्योता?

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इस पेपर में मनोचिकित्सकों ने नीली रोशनी के हमारी नींद और शरीर की अंदरूनी घड़ी पर पड़ने वाले बुरे असर के प्रति आगाह किया था. हम जिस तरह से अपनी सेहत के लिए डिजिटल ऐप और दूसरी मशीनें इस्तेमाल कर रहे हैं, इससे किशोरों और युवाओं में एलईडी लाइट्स के कई बुरे प्रभाव देखने को मिल सकते हैं.

नीली रोशनी के ख़तरे?

पेरिस से लेकर ब्रुकलिन तक स्थानीय परिषदों और निकायों ने ज़्यादा बिजली खाने और गर्मी पैदा करने वाले पीले सोडियम बल्बों की जगह एलईडी बल्ब लगाने का अभियान छेड़ रखा है. एलईडी बल्ब में एक डायोड होता है, जिससे नीली रोशनी निकलती है. ये पुराने बल्बों की पीली रोशनी के मुक़ाबले आंखों को चुभने वाली हो सकती है.

स्मार्टफ़ोन बिगाड़ रहा है आंखों की सेहत

स्मार्टफ़ोन बिगाड़ रहा है आंखों की सेहत

स्मार्टफ़ोन अब स्मार्टनेस का स्टेटस सिंबल बन चुका है. लेकिन यही स्मार्टफ़ोन अब धीरे-धीरे आंखों के स्मार्टनेस को ख़त्म करने का कारण भी बनता जा रहा है.

न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक़, अंधेरे में स्मार्टफ़ोन का उपयोग करने से आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है. रिपोर्ट के अनुसार दो महिलाओं में इसके लक्षण भी देखे गए जो इन दिनों स्मार्टफ़ोन ब्लाइंडनेस से पीड़ित हैं.

यूरिया जहर है !

यूरिया जहर है !

हम बिना जुताई की कुदरती खेती करते हैं जिसमे हम किसी भी प्रकार की मानव निर्मित खाद और दवाई का उपयोग नहीं करते हैं। हमने यह पाया है की जब हमारे पडोसी अपने खेतों में यूरिया डालते हैं और सिंचाई करते हैं तो पानी यहां वहां डबरों में भर जाता है उस पानी से मेंढक ,मछलियाँ मर जाती हैं यदि उस पानी को मवेशी पी लेते हैं तो वो भी मर जाते हैं। हमारे स्वम् के मवेशी भी अनेक बार मरे हैं।

पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का वर्गीकरण

पौधे जडो द्वारा भूमि से पानी एवं पोषक तत्व, वायु से कार्वन डाई आक्साइड तथा सूर्य से प्रकाश ऊर्जा लेकर अपने विभिन्न भागों का निर्माण करते है।
पोषक तत्वों को पौधों की आवश्यकतानुसार निम्न प्रकार वर्गीकृत किया गया है।

मुख्य पोषक तत्व- नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश।
गौण पोषक तत्व- कैल्सियम, मैग्नीशियम एवं गन्धक।
सूक्ष्म पोषक तत्व- लोहा, जिंक, कापर, मैग्नीज, मालिब्डेनम, बोरान एवं क्लोरीन।

पौधों में आवश्यक पोषक तत्व एवं उनके कार्य

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