मखाना खाने के जादुई प्रभाव

मखाना खाने के जादुई प्रभाव

 "मखाना" संस्कृत के दो शब्द मख व अन्न से बना है। मख का मतलब यज्ञ होता है। अर्थात यज्ञ में प्रयुक्त होने वाला अन्न। जीवन काल से लेकर मृत्यु के बाद भी मखाना मिथिलांचल वासियों से जुड़ा रहता है। मखाने की खेती पूरे मिथिलांचल में होती है। दरभंगा में उत्पन्न होने वाला मखाना उत्तम कोटि का माना जाता है। मखाने कमल के बीजों की लाही है। मखाना को देवताओं का भोजन कहा गया। पूजा एवं हवन में भी यह काम आता है। इसे आर्गेनिक हर्बल भी कहते हैं। क्योंकि यह बिना किसी रासायनिक खाद या कीटनाशी के उपयोग के उगाया जाता है। आचार्य भावमिश्र (1500-1600) द्वारा रचित भाव प्रकाश निघंटु में इसे पद्मबीजाभ एवं पानीय फल कहा गया

हार्ट फेल होने से चली जाती है 23 प्रतिशत लोगों की जान

हार्ट फेल होने से चली जाती है 23 प्रतिशत लोगों की जान

हार्ट अटैक का मतलब होता है दिल की मांसपेशियों का बेहद कमजोर होना, जबकि हार्ट फेल होने का मतलब है कमजोर दिल. हार्ट अटैक तब होता है, जब दिल की मांसपेशियों के एक हिस्से को आक्सिजन से खून की सप्लाई में रुकावट हो जाती है भारत में 23 प्रतिशत मरीज़ ऐसे होते हैं जो दिल के दौरे का पता चलने के साल भर के अन्दर मर जाते हैं, एक खोज से पता चलता है, और यह भी पता चलता है कि यह देश अफ्रीका के दर 34 प्रतिशत, के बाद दूसरे नंबर पर है।

वीडियो गेम खेल कर दूर हो सकता है डिप्रेशन

वीडियो गेम खेल कर दूर हो सकता है डिप्रेशन

क्या आपको तनाव है? अध्ययनकर्ताओं के अनुसार आप विडियो गेम खेलकर इस तनाव से मुक्ति पा सकते हैं। ये दिमाग को प्रशिक्षित करते हैं। 

खोज में पाया गया है कि विशेष तौर पर तैयार किए गए विडियो गेम से कुछ हद तक तनाव दूर करने में मदद मिलती है। चाहे तनाव आंतरिक कारणों जैसे केमिकल असंतुलन, या आनुवांशिक कारण से हो या फिर जॉब आदि से जुड़ा बाहरी कारण हो, ऐसे विडियो गेम हर तरह के तनाव को दूर करने की क्षमता रखते हैं। 

अब लीजिए दिमाग़ का बैक-अप

अब लीजिए दिमाग़ का बैक-अप

इंसान सदियों से गुफ़ाओं की दीवारों पर चित्र उकेरकर अपनी यादों को विस्मृत होने से बचाने की कोशिश कर रहा है.

पिछले काफ़ी समय से मौखिक इतिहास, डायरी, पत्र, आत्मकथा, फ़ोटोग्राफ़ी, फ़िल्म और कविता इस कोशिश में इंसान के हथियार रहे हैं.

आज हम अपनी यादें बचाए रखने के लिए इंटरनेट के पेचीदा सर्वर पर - फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, जीमेल चैट, यू-ट्यूब पर भी भरोसा कर रहे हैं.

ये इंसान की अमर बने रहने की चाह ही हो सकती है कि इटर्नी डॉट मी नाम की वेबसाइट तो मौत के बाद लोगों की यादों को सहेज कर ऑनलाइन रखने की पेशकश करती है.

लेकिन आपको किस तरह से याद किया जाना चाहिए?

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