मौसमी को खाने और मौसमी के जूस को पीने के फायदे और नुकसान

मौसमी को खाने और मौसमी के जूस को पीने के फायदे और नुकसान

आज हम आपको मौसमी जूस पीने के कुछ ऐसे फायदे बताएँगे, आईये जानते हैं मौसमी खाने और जूस पीने के कुछ अनसुने फायदे।

1. मौसमी का जूस पीने से या खाने से स्कर्वी रोग में लाभ मिलता हैं,इसमे मसूडो मे सूजन और जुकाम जैसे रोग होते हैं।

2. मौसमी खाने से और जूस पीने से हमारी पाचन शक्ति बढती हैं।

3. मौसमी का जूस पीने से कब्ज से भी छुटकारा पाया जा सकता हैं।

4.मौसमी हमारी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं,इसे खाने से चेहरा साफ रहता हैं।

5. मधुमेह के रोगियों के लिए मौसमी बहुत ही फायदेमंद होती हैं।

पायरिया के लक्षण और कारण

पायरिया के लक्षण और कारण

नियमित आहार और दाँतों की रक्षा में रुक्षांस की कमी या पूर्ण रूप से अभाव, दाँतों में खान पान के कण अटकना और दाँतों का सड़ना, दाँतों पर अत्यधिक मैल जमना, मुँह से दुर्गन्ध का निकलना और मुँह में अरुचिकर स्वाद का निर्माण होना, जीवाणुओं का पसरण, मसूड़ों में जलन का एहसास होना और छालों का निर्माण होना, जरा सा छूने पर भी मसूड़ों से रक्तस्राव होना इत्यादि पायरिया के लक्षण होते हैं।असल में मुंह में 700 किस्म के बैक्टीरिया होते हैं। इनकी संख्या करोड़ों में होती है। अगर समय पर मुंह, दांत और जीभ की साफ-सफाई नहीं की जाए तो ये बैक्टीरिया दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। पायरिया होने पर दांतों को स

काली मिर्च खाकर करें मोटापा दूर

काली मिर्च खाकर करें मोटापा दूर

बीमारियों के अलावा मोटापा दूर करने के लिए असरदार है काली मिर्च, जानिए कैसे: खाने काे स्वादिष्ट बनाने के लिए महिलाएं खाने में कर्इ मसाले डालती हैं। इसके अलावा मसाले के ताैर पर खाने में डाली जाने वाली काली मिर्च शरीर से टॉक्सिंस को निकालकर बीमारियों से बचाती है। सामान्‍य और खतरनाक बीमारियों के उपचार के लिए भी काली मिर्च का प्रयोग किया जाता है। आइए आपकाे बताते हैं आपकाे इससे हाेने वाले महत्वपूर्ण फायदाें के बारे में। 

खून की कमी होने पर करें उपाय

खून की कमी होने पर करें उपाय

शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने का मतलब अनेकों बीमारियों को न्यौता देना है। बता दें, हीमोग्लोबिन एक आयरन युक्त प्रोटीन है। बिना आयरन के शरीर में हीमोग्लोबिन नहीं बन सकता। हीमोग्लोबिन खून को उसका लाल रंग देता है। यह फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंचाता है। अगर शरीर में आयरन की कमी होगी तो हीमोग्लोबिन कम होगा, जिससे शरीर को मिलने वाले ऑक्सीजन में भी कमी होने लगेगी। पुरुषों की मुकाबले महिलाओं में आयरन की कमी ज्यादा देखने को मिलती है। पुरूषों में सामान्य हीमोग्लोबिन 13.5-17.5  ग्राम और महिलाओं में 12.0-15.5 ग्राम प्रति डीएल होना चाहिए। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होना एनीमिया

लीची की खेती

लीची की खेती

लीची के लिए गहरी दोमट मिट्टी उत्तम रहती है। मुजफ्फरनगर के आसपास कैल्शियम बाहुल्य वाली भूमि पायी जाती है, जिसमें जड़ों का विकास अच्छा होता है। इसी प्रकार की भूमि पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया तथा पडरौना, महाराजगंज जनपद के कुछ क्षेत्रों में पायी जाती है तथा बलुई या चिकनी मिट्टी में यह काफी पैदावार देती है। किन्तु जल-निकास का उचित प्रबंध होना चाहिए तथा भूमि कड़ी परत या चट्टान वाली नहीं होना चाहिए, क्योंकि अम्लीय मिट्टी में लीची का पौधा काफी तेज गति से बढ़ता है तथा मिट्टी में चूने की कमी नहीं होनी चाहिए। फ्लोरिडा में लीची के लिए 5.0 से 5.5 पी.एच.

Pages