इसीलिए फटती थी मोबाइल की बैटरी, वैज्ञानिकों ने ढूंढा कारण !

इसीलिए फटती थी मोबाइल की बैटरी, वैज्ञानिकों ने ढूंढा कारण !

स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सबसे बड़ा जोखिम फोन की बैटरी ही होती है। कई बड़े ब्रांड के फोन में बैटरी फटने जैसे हादसे सामने आ चुके हैं। कई बार तो कंपनी खुद फोन की बैटरी फटने की वजह पता नहीं लगा सकी। हालांकि अब बैटरी में ब्लास्ट होने का कारण साइंटिस्ट ने खोज लिया है। हाल ही में सामने आई रिसर्च में कहा गया कि बहुत छोटे हीरों की मदद से लीथियम की बैटरी में आग लगने और ब्लास्ट से रोका जा सकता है।

क्यों फटती है फोन की बैटरी-

जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस के मुताबिक, लीथियम की बैटरी में शॉटसर्किट दो इलेक्ट्रोडों के बीच आयनों में इलैक्ट्रोकेमिकल प्रक्रिया की वजह से होता है। साइंटिस्ट का कहना है कि 10,000 गुना छोटे हीरे की मदद से लीथियम की बैटरी में आग लगने से बचाया जा सकता है। रिसर्चर का कहना है कि नैनो डायमंड इलेक्ट्रोकेमिकल की मात्रा को कम कर देता है, जिससे लीथियम की बैटरी में शॉटसर्किट और ब्लास्ट होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

रिसर्चर का कहना है कि दो इलेक्ट्रोडों के बीच आयनों में इलैक्ट्रोकेमिकल प्रक्रिया होने लगती है। इससे इलेक्ट्रिकल करंट पैदा होता है, जिससे बैटरी को चार्ज किया जाता है। नैनो डायमंड इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन के जरिए डेंड्राइट फॉरमेशन को बिल्कुल कम कर देता है। इससे मोबाइल की स्टोरेज एनर्जी बढ़ने में भी मदद मिलेगी और उम्मीद है कि स्मार्टफोन की बैटरी से जुड़े हादसों में भी कमी आएगी।

अमेरिका के ड्रेक्सल यूनिवर्सिटी के प्रोफसर युरी गोगोत्सी का कहना है कि नई तकनीक स्मार्टफोन की बैटरी के लिहाज से बेहद अहम है, क्योंकि फोन की बैटरी में ब्लास्ट होना उसके यूजर्स के लिए भी काफी खतरना होता है। इस तकनीक के जरिए बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट के जरिए सिक्योरिटी दी जाएगी।