जिओ के सस्ता होने के कारण

जिओ के सस्ता होने के कारण

अगर चार तरफ से फायदा हो रहा हो तो एक तरफ से थोडा खर्च भी हो जाए कोई फर्क नहीं पड़ता यही बात Jio पर भी लागू होती है। क्योंकि Jio नयी कंपनी है इस लिए वो ऐसा कर रही है। ये मुकेश अंबानी की दूर की सोच रही जब सभी कंपनियां 3G को नहीं संभाल नहीं पा रही थी तब मुकेश अंबानी ने सीधे 4G के साथ दूरसंचार सेवा में कदम रखा। Jio अकेली कम्पनी थी जिसे 4G के सारे स्पेक्ट्रोम मिले थे। Jio की कमाई सिर्फ Jio के सिम तक ही सीमित नहीं है, Jio सिम के शुरू करने के बाद उसने कंपनी की तरफ से फ़ोन, ब्रॉडबैंड, एंड्राइड एप्लीकेशन और ना जाने कितनी सेवाओं में भी कदम रखा। अगर इन सभी सेवाओं को सुंचारु रूप से चलाये रखना है तो Jio को सस्ता तो करना ही पड़ेगा।

एक तरफ बाकी कंपनियां जैसे के भारती एयरटेल, वोडाफ़ोन, आईडिया बहुत ही भारी दाम पर Internet की सेवा दे रहीं थी, और क्योंकि आज कल हर व्यक्ति Internet चलाना चाहता है तो उसे Internet चाहिए अगर सस्ता हो तो बात ही कुछ और है। मुकेश अंबानी ने पहले सिम मुफ्त में कर दिए और फिर लोगों को मन भर के Internet चलाने को मिलने लगा वो भी दूसरी कंपनियों से बेहतर। Jio भारत की सब से बड़ी दूरसंचार सेवा कंपनी बनी वो भी कुछ महीनों के अंदर। लोगों को लग रहा था के Jio मुफ्त में इन्टरनेट सेवा दे रहा है लेकिन ये सच नहीं है। Jio उस मुफ्त इन्टरनेट के सहारे अपने भविष्य को संवारने में लगा था। नुक्सान तो उसे कभी हुआ ही नहीं।

अब उसे अपने सभी दूसरी सुविधाओं को चलने के लिए इन्टरनेट तो देना ही पड़ेगा, अगर पैसा एक तरफ से जा भी रहा है तो दस तरफ से आ भी रहा है। बात बस समझने वाली है। हमें उनका शुक्रिया करना ही पड़ेगा अगर वो जिओ लेकर ना आते तो बाकी कंपनियां भी अपने दाम ना घटाती।

जियो सस्ती इंटरनेट सेवा इसलिए दे पा रहा है क्योंकि इंटरनेट सेवा प्रदान करना कोई ज्यादा पैसे का काम नहीं है। बस शुरुआती खर्च फाइबर केबल बिछाने, टावर्स लगाने में लगता है। उसके बाद तो बस देखभाल में जो खर्च आए वो आए।

दरअसल इंटरनेट का मतलब कंप्यूटर्स (मोबाइल भी एक कंप्यूटर है) को किसी भी माध्यम (तार अथवा बिना तार के) से जोड़ना है। अगर आपके पास पर्याप्त मात्रा में लैन केबल है तो आप भी आपने गली मौहल्ले के कंप्यूटर्स को जोड़कर एक छोटा सा इंटरनेट बना सकते हैं।

इसका एक बेहतरीन उदाहरण स्कूल, कॉलेजेस में लगे हुए वाइ- फाई नेटवर्क्स है जो कि एक छोटे से इंटरनेट के जैसे काम करते हैं। आप इस नेटवर्क में जुड़े किसी भी कंप्यूटर से जुड़ सकते हैं तथा जानकारी साझा कर सकत हैं। जिसका देखभाल के अलावा कोई भी खर्च नहीं आता

जिओ के सस्ता होने के कारण

  • जिओ एक नए तरीके से इंडस्ट्री में आया।
    • बाकि सभी कम्पनिया वॉइस कालिंग से पैसा कमा रही थी. लेकिन जिओ ने डाटा से पैसा कमाने पर काम किया.
  • बाकि सभी कंपनियों को 2G से उठ कर आयी. 4G तक आते आते उन्हें बहुत सारा पैसा निवेश करना था. जबकि जिओ सीधा नयी टेक्नोलॉजी 4G को लेकर आया.
  • जिओ कालिंग और इंटरनेट के साथ साथ मुफ्त में संगीत,टीवी आदि सुविधाएँ दे रहा था.
    • जबकि बाकि कम्पनिया अभी भी ऐसा नहीं कर पा रही है.
  • इसके बाद जिओ ने VOLTE पर निवेश किया। VOLTE में हमे वौइस् की क्वालिटी बहुत अच्छी मिलती है।
  • जबकि बाकि कंपनियां अभी भी volte को नहीं ला पा रही है।
  • इसके इलावा मुकेश अम्बानी जैसे।अमीर इंसान का जिओ के साथ पूरा सहयोग है तभी यह सब संभव हो पाया है। जिओ को VOLTE के कारन फायदा मिल रहा है। इसके ज़रिये आप किसी को 4G से काल कर पाते है।
  • VOLTE की वजह से हम कालिंग के साथ साथ इंटरनेट का इस्तेमाल भी सकते है।
  • बाकि कप्म्पनियों हालाँकि जिओ ने 2g ,3g पैसा न लगाकर। सिर्फ VOLTE पर पैसा लगाया।
    • LTE टेक्नोलॉजी को 3.5G भी कहा जाता है, दरअसल इसमें वॉइस कॉलिंग पुरानी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही थी।
    • इस टेक्नोलॉजी में वॉइस इधर से उधर लाइन सेटअप के जरिए जाती थी।
  • जिओ कंप्यूटर बेस्ड नेटवर्क के साथ काम कर रही है।
  • जबकि बाकि कम्पनिया अभी भी पुराने मोड में ही काम कर रही है।
  • जिओ को रिलायंस कंपनी का भी भरपूर साथ मिल रहा है।

स्पेक्ट्रम की कमी नहीं थी।

  • स्पेक्ट्रम एक ऐसी चीज़ होती है जिसकी जरूरत हर टेलीकॉम ऑपरेटर को होती है , इसी की वजह से यूजर तक डाटा और जानकारी पहुँचती है।
    • लेकिन जिओ के पास फाइबर स्पेक्ट्रम पहले से ही उपलब्ध था क्योंकि जिओ रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रोडक्ट है। जिओ का स्पेक्ट्रम का खरच बच जाता है लेकिन बाकि टेलीकॉम ऑपरेटर्स को इसका खरच अभी भी उठाना पढता है।

जिओ की मार्केटिंग policy

  • जिओ एक दम नयी कंपनी थी और जिओ ने अपने सब्सक्राइबर्स बढ़ाने के लिए एक नयी पालिसी का इस्तेमाल किया।
    • वो है बाकि कंपनियों के मुकाबले सस्ते में वौइस् और डाटा प्लान देना जिओ ने 6 महीने तक सभी लोगों को मुफ्त में डाटा और वौइस् प्लान दिया।
  • जिओ के मालिक खुद मुकेश अम्बानी है.
    • जो की सक्सेसफुल बुसिनेस्स मैन है और वह अछि तरह जानते थे की हमे अपने सब्सक्राइबर्स कैसे बढ़ाने
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