पॉजिटिव पे रोकेगा चेक से होने वाले फ्रॉड !

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने पांच पूर्व सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक के ग्राहकों से नई चेक बुक के आवेदन के लिए कहा है। बैंक ने ग्राहकों को तुरंत प्रभाव से नई चेक बुक का आवेदन करने के लिए इसलिए कहा है कि क्योंकि 30 सितंबर, 2017 के बाद पुराने बैंक के चेक और IFS कोड वैध नहीं होंगे। इन्हें अमान्य करार दिया जाएगा। एसबीआई ने ग्राहकों से कहा है कि नई चेक बुक के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या फिर शाखा में जाकर तुरंत आवेदन कर लें।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने पांच पूर्व सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक के ग्राहकों से नई चेक बुक के आवेदन के लिए कहा है। बैंक ने ग्राहकों को तुरंत प्रभाव से नई चेक बुक का आवेदन करने के लिए इसलिए कहा है कि क्योंकि 30 सितंबर, 2017 के बाद पुराने बैंक के चेक और IFS कोड वैध नहीं होंगे। इन्हें अमान्य करार दिया जाएगा। एसबीआई ने ग्राहकों से कहा है कि नई चेक बुक के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या फिर शाखा में जाकर तुरंत आवेदन कर लें। 

प्रायवेट सेक्टर के ICICI बैंक ने चेक के जरिए बढ़ते फ्रॉड को रोकने के लिए एक नई सर्विस शुरू की है। बैंक ने इस नई सर्विस को पॉजिटिव पे नाम दिया है। पॉजिटिव पे में आईसीआईसीआई यूजर्स का चैक अब तभी क्लियर होगा, जब ग्राहक उससे जुड़ी जानकारी शेयर करेगा। अगर यूजर्स के द्वारा शेयर की गई जानकारी चेक में दर्ज जानकारी से अलग होती है, तो वो चैक क्लियर नहीं हो सकेगा।

ऐप दे रहा है ऑफर, घर बैठे कमाएं 9000 रुपए भारत में 25 सितंबर को लॉन्च होगा  यूजर्स पॉजिटिव पे का फायदा इस ICICI बैंक के ऐप के जरिए उठा सकते हैं। कंपनी ने बैंक ऐप में इसे फीचर के तौर पर पेश किया है। इस ऐप के जरिए चेक की जानकारी शेयर करने के लिए चेक देने से पहले बैंक की मोबाइल ऐप में पॉजिटिव पे मेन्यू पर टैप करें। इसके बाद इसमें चेक नंबर, तारीख, लाभार्थी का नाम और खाता संख्या जैसी जानकारी दर्ज करें। इसके बाद आपको चेक के दोनों साइड की फोटो खींचकर भेज दें। 50,000 रुपए से भी कम में खऱीदें iPhone 7 का 256GB वेरिएंट बैंक के पास जैसे ही ग्राहक का चेक पहुंचेगा, वह आपकी ओर से दी गई जानकारी को प्राप्त चेक की जानकारी से मिलाएगा। अगर जानकारी समान होगी तो चेक क्लियर हो जाएगा, वहीं जानकारी के मेल न खाने की स्थिति में इसे क्लियर नहीं किया जाएगा।