बिना स्मार्टफोन के होगी कैशलेस पेमेंट

बिना स्मार्टफोन के होगी कैशलेस पेमेंट

आईडीबीआई बैंक ने देश में एक शानदार सुविधा की शुरुआत की है, इससे अब आधार के जरिए भुगतान हो पाएगा। यह सब मुमकिन होगा आईडीबीआई बैंक की लॉन्च की गई देश की पहली आधार एप के जरिए। आईडीबीआई बैंक की यह नई एप उन लोगों को भी सक्षम बनाएगी जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। इस एप के जरिए बिना स्मार्टफोन के भी भुगतान किया जा सकेगा।

बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने सभी बैंकों से कहा था कि वित्तीय लेन-देन के लिए फिंगरप्रिंट्स वाले आधार एप को इस महीने के अंत तक लॉन्च करें। इसके साथ ही सभी बैंकों से यह भी कहा गया है कि वे भीम एप में 'पे टू आधार' फीचर को 31 मार्च से पहले जोड़ लें।

आइए जानते हैं आधार पे एप की 5 खास बातें-

क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के शुल्क से मुक्ति 
आधार पे ऐप से होने वाले लेन-देन से बैंकों द्वारा लिए जाने वाले क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के शुल्क से मुक्ति मिलेगी। आधार पे स्मार्टफोन पेमेंट ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब व्यापारियों और दुकानदारों को इसके लिए एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) नहीं देना होगा। एमडीआर बैंकों द्वारा लिया जाने वाला वह चार्ज होता है, जो बैंक द्वारा व्यापारियों से क्रेडिट या डेबिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन के बदले लिया जाता है।

बिना स्मार्टफोन कैशलेस ट्रांजैक्शन
इस ऐप से ग्राहक अब स्मार्टफोन के बिना कैशलेस ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। इसके लिए ग्राहक के पास मोबाइल फोन होना भी जरूरी नहीं है। हालंकि व्यापारी और दुकानदार के पास स्मार्टफोन और यह एप डाउनलोड होना चाहिए।

सिर्फ एंड्रायड पर है एप
यह एप फिलहाल केवल एंड्रायड प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है। मर्चंट्स इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

इंटरनेट का होना जरुरी है 
इस एप के लिए भले ही ग्राहकों के पास स्मार्टफोन का होना जरुरी नहीं है, लेकिन इसके जरिए भुगतान के लिए इंटरनेट होना जरुरी है। इसी के जरिए ग्राहक का बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन होगा।

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fizikamind's picture

कैशलेस पेमेंट को लेकर सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए 'भारत क्यूआर' कोड लॉन्च कर दिया। जिसके बाद कार्ड के बदले स्मार्टफोन के जरिए पेमेंट भुगतान और आसान हो जाएगा। सोमवार को आरबीआई के डिप्टी गर्वनर आर गांधी ने लॉन्च करते हुए बताया कि देश में 15 लाख पाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें मौजूद है, वहीं कार्ड की संख्या 80 करोड़ हो गई है। ऐसे में कैशलेस पेमेंट को प्रोत्साहित करने के लिए जरुरी है कि हम पूरी प्रक्रिया को ग्राहक के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाएं। इसी क्रम में भारत क्यूआर कोड लॉन्च किया जा रहा है।

 

 जिससे ग्राहक अब बिना कार्ड के एक ही क्यूआर कोड के जरिए भुगतान कर सकेंगे। वर्तमान में अलग अलग वॉलेट पेमेंट सिस्टम के अपने क्यूआर कोड होते है। भारत क्यूआर कोड लॉन्च होने से ग्राहकों के लिए अब कैशलेस पेमेंट करना और अधिक आसान हो जाएगा। इसके लिए बस एक स्मार्टफोन की जरुरत होगी। ट्राई के हालिया आंकड़ों के मुताबिक भारत में 113 करोड़ मोबाइल फोन है, जिनमें से अधिसंख्य स्मार्टफोन है। ऐसे में भारत क्यूआर कोड कैशलेस पेमेंट अभियान में बहुत मददगार साबित होगा।

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