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RBSE 10वीं रिजल्ट 2026 घोषित: 94.23% पास, डिपिका रही टॉपर

शिक्षा

राजस्थान के सभी छात्र और अभिभावक लंबे इंतज़ार के बाद आज राहत की सांस ले सकते हैं। राजस्थान माध्यमिक शैक्षिक मंडल (RBSE) ने 24 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। मादन डिलावर, शिक्षा मंत्री ने पत्रकार सम्मेलन के दौरान इसकी घोषणा खुद की। कुल 10 लाख छात्रों में से 94.23% छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 1.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

यह सिर्फ एक नंबर नहीं है, यह पूरे प्रदेश की मेहनत का परिणाम है। परीक्षाएं 12 फरबरी से 28 फरबरी 2026 तक हुई थीं, जहां हर दिन सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक एग्जाम हुआ। अब सवाल उठता है कि इस बड़ी सफलता के पीछे क्या कारण थे? क्या सिर्फ मेहनत काफी थी या फिर कुछ और?

टॉपर स्टोरी: बारन की छात्रा डिपिका ने किया इतिहास

परिणाम जारी होते ही सबसे बड़ी चर्चा किसी एक नाम की होती है, और इस बार वह नाम है डिपिका। डिपिका, जो डिसेंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती हैं, उन्होंने 99.5% नंबर लाकर अपने आपको राज्य का टॉपर बनयां। उनकी स्कूल की लोकेशन है बारन। यह उनका पहला प्रयास था, लेकिन यकीनन यह अंतिम नहीं होगा।

डिपिका ने अपनी तैयारी के बारे में बात करते कहा कि उनके लिए यह सफलता अप्रत्याशित भी थी और संतोषजनक भी। उन्होंने सफलता में मुख्य भूमिका अपने निजी अध्ययन (self-study), शिक्षकों के मार्गदर्शन और PhysicsWallah (PW) के 'RBSE Wallah' प्रोग्राम से दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि संरचित सीखने के स्रोतों ने उन्हें परीक्षा के बीच में सही दिशा देने में मदद की। ऐसा लगता है कि डिजिटल लर्निंग ने ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी मुकाबला करने में मदद की है।

जिलों का प्रदर्शन: झुंझुनूं बनाम धौलपुर

राज्य भर में प्रदर्शन समान नहीं था, जैसा कि हम अक्सर देखते हैं। डाटा बताता है कि झुंझुनूं जिले ने शीर्ष पर रहते हुए 97.77% के पास प्रतिशत का रिकॉर्ड बनाया। वहीं दूसरी ओर, धौलपुर जिले में पास प्रतिशत सबसे कम रहा, जो 87.52% के आंकड़े पर रुका। यह 10 प्रतिशत का अंतर बहुत महत्वपूर्ण है और दर्शाता है कि कुछ क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे या शिक्षा गुणवत्ता में अभी भी खाई है।

लेकिन एक दिलचस्प रुझान देखा गया जिस पर शिक्षा विशेषज्ञों ने ध्यान दिया है। लगभग सभी जिलों में लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से बेहतर रहा। यह समाज के लिए एक बड़ा संकेत है कि शिक्षा में महिला सशक्तीकरण का काम अच्छी तरह चल रहा है। गजेंद्र सिंह राठौर, मंडल के सचिव ने भी छात्रों को कहा कि वे अपने परिणाम ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक करें। वेबसाइटों जैसे rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in के जरिए रिजल्ट देखना आसान था।

क्लास 5 और 8 के परिणाम भी आए सामने

सिर्फ दसवीं का रिजल्ट ही नहीं, उसी दिन मंत्रालय ने पांचवीं और आठवीं कक्षाओं के परिणाम भी जारी किए। कक्षा 5 के मामले में स्थिति और भी बेहतर है, जहाँ पास प्रतिशत 97.01% रिकॉर्ड किया गया। शिक्षा मंत्री मादन डिलावर ने स्वयं इन परिणामों का विमोचन किया। छात्र और उनके परिवारों के लिए यह खबर बहुत खुशी वाली होगी क्योंकि यह मानता है कि आधारभूत शिक्षा में सुधार हो रहा है।

दूसरी तरफ, गणित और विज्ञान जैसे विषयों में छात्रों की रुचि कैसे बदली, इसके आंकड़े भी मीडिया द्वारा प्रकाशित किए गए। कई पोर्टल्स ने लाइव कवरेज दिया और विषयवार ब्रेकडाउन दिखाया। अगर आप अपने आंकड़े चेक करना भूल गए, तो SMS और DigiLocker के विकल्प अभी भी उपलब्ध हैं।

भविष्य की ओर: 12वीं और आगे की योजना

अब जब दसवीं का रिजल्ट आ चुका है, सबकी नजरें बाराह्वि पर हैं। RBSE 12वीं बोर्ड परिणाम को 31 मार्च 2026 को घोषित किया जाना नियत है। मंदिर ने पहले इसे 20 मार्च तक ड्यू किया था, लेकिन डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इसे स्थगित करना पड़ा। यह देर बहुत ज़रूरी थी, भले ही छात्रों को थोड़ा अनसुना लग रहा हो।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि यह ट्रेंड बना रहा, तो राज्य का शिक्षा इंडेक्स आगे भी मजबूत होगा। हालांकि, सरकार को ध्यान रखना होगा कि जो जिले पीछे रह गए हैं, वहां विकास के लिए नई पहल करें।

Frequently Asked Questions

परिणाम चेक करने का सही तरीका क्या है?

छात्र अपने रोल नंबर और जन्म तिथि के आधार पर rajeduboard.rajasthan.gov.in या rajresults.nic.in पर लॉग इन करके परिणाम देख सकते हैं। इसके अलावा, SMS और DigiLocker एप्लीकेशन के माध्यम से भी हॉल टिकट और मैनस्लिप डाउनलोड करने का विकल्प उपलब्ध है।

क्या कोई अपील या पुनः जांच की व्यवस्था है?

हां, अगर छात्र या अभिभावक परिणाम से असंतुष्ट हैं, तो उन्होंने निर्धारित समय frame के भीतर पेपर रीचेकिंग के लिए आवेदन डाल सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होता है और ऑनलाइन फॉर्म भरना आवश्यक है।

लड़कियों के पास प्रतिशत में क्यों वृद्धि हुई?

गणना से पता चला है कि शिक्षा नीतियों और सरकारी योजनाओं जैसे मोफत शिक्षा और छात्रवृत्ति ने लड़कियों को क्लासरूम में बांधे रखने में मदद की है। अधिकांश जिलों में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा है, जो शिक्षा में लिंग समानता का संकेत है।

12वीं की परीक्षा कब होगी और रिजल्ट कब आएगा?

मंडल ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि कक्षा 12वीं का परिणाम 31 मार्च 2026 को जारी किया जाएगा। बोर्ड ने सटीक डेटा सत्यापन के लिए दसवीं के परिणामों में थोड़ा विलंब किया था, इसलिए बारहवीं के परिणाम में भी सटीकता का ध्यान रखा जा रहा है।

टिप्पणि

  • jagrut jain

    jagrut jain

    26/मार्च/2026

    94 फीसदी पास होने पर भी धौलपुर के आंकड़े देखने से पता चलता है कि असमानता अभी भी बहुत बड़ी है।

  • Paul Smith

    Paul Smith

    26/मार्च/2026

    सबसे पहले यही कहूँगा की यह रिजल्ट तो बहुत ही अच्छे हैं लेकिन मुझे लगता है की डिजिटल लर्निंग का असर बहुत ज्यादा दिख रहा है आजकल तो हर गाँव में इंटरनेट है और PW जैसे प्लेटफॉर्म ने बच्चों को बहुत आगे बढ़ाया है मैने खुद देखा है की कैसे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे अब शहर वाले बच्चों से कम नहीं हैं यह बहुत बड़ी बात है की डिपिका जीने ने बारन से टॉपर बनकर साबित कर दिया है की मंज़िल पेहले तय करनी होती है फिर रास्ता ढूंढना होता है मैं मानता हु की सरकार को अब आगे भी ऐसे प्रोग्राम चलाए चाहिए क्योंकि जो बच्चे अभी पीछे रह गए हैं उन्हें भी मदद चाहिए धौलपुर जैसे जिलों में संसाधन की कमी हो सकती है जिसे ठीक करना जरूरी है वरना अगली बार ऐसा न हो जाए की वहां से कोई टॉपर न निकले हमारे पास इतिहास है लेकिन हम उसे आगे बढ़ाने की ज़रूरत है स्कूलों में कंप्यूटर कमरे हो सकते हैं या टीवी लगा सकता है जिससे बच्चों को अच्छे कंटेंट देखने को मिले और उनके दिमाग में नए विचार आए जो समाज के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि बिना जागरूकता के विकास नहीं होता है इसलिए मुझे उम्मीद है की अगले साल की तुलना में यह रिजल्ट और बेहतर होंगे और हम सब मिलकर इस काम में योगदान देंगे ताकि हर बच्चे को एक अच्छा भविष्य मिल सके और यह सिर्फ मेरा व्यक्ति विचार नहीं है बल्कि सभी शिक्षकों का मानना भी है

  • priyanka rajapurkar

    priyanka rajapurkar

    26/मार्च/2026

    धौलपुर वाले लोग भी थोड़ा मेहनत करेंगे तो 10 फीसदी का अंतर पाट जाएगा, हालाकि झुंझुनूं का रेड भी बहुत अच्छा है। सरकारी योजनाओं का असर तो दिख रहा है पर जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है।

  • ANISHA SRINIVAS

    ANISHA SRINIVAS

    26/मार्च/2026

    वाह क्या सफलता हुई है 94% पास प्रतिशत तो बहुत ग्रेट है 🎉👏 डिपिका जी को दिल से बधाई देती हूँ! 🌟 उन्हें हमेशा प्रेरणा मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने सिर्फ आपस में नहीं लड़ने वाला दिखाया है बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है 😊 उम्मीद है 12वीं में भी वैसे ही नंबर आएंगे। 💪

  • Suman Rida

    Suman Rida

    26/मार्च/2026

    बिल्कुल सही कहा आपने। मेरी भी उम्मीद है कि लड़कियों का प्रदर्शन आगे भी बेहतर रहेगा।

  • Arumugam kumarasamy

    Arumugam kumarasamy

    26/मार्च/2026

    विद्यालयी शिक्षा का दर्शा यह परिणाम बताता है कि जब संसाधनों का उपयोग उचित हो तो उपलब्धि निश्चित है। हालांकि, आंकड़ों के आधार पर यह अनुभव प्राप्त हुआ है कि गुणवत्तात्मक सुधार अभी भी आवश्यकता पड़ेगी।

  • Santosh Sharma

    Santosh Sharma

    26/मार्च/2026

    अच्छा लगा यह रिजल्ट देखना की बच्चों ने इतना अच्छा किया है पिछले साल की तुलना में ये बहुत सुधार हुआ है मैं उम्मीद करता हूँ की 12वीं में भी ऐसे ही नंबर आयेगे

  • Anil Kapoor

    Anil Kapoor

    26/मार्च/2026

    94 फीसदी पास प्रतिशत में कोई खास खुशी नहीं है जबकि कई छात्र सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं सिर्फ पास होने के लिए बैठे थे।

  • Pankaj Verma

    Pankaj Verma

    26/मार्च/2026

    धौलपुर में बुनियादी ढांचे की कमी है। शिक्षकों की उपलब्धता और डिजिटल सुविधाएं अन्य जिलों की अपेक्षा कम हैं।

  • Dr. Sanjay Kumar

    Dr. Sanjay Kumar

    26/मार्च/2026

    क्या बात है इतिहास गवाह है की राजस्थान का बच्चा किसी से कम नहीं।

  • Pradeep Maurya

    Pradeep Maurya

    26/मार्च/2026

    आपका दृष्टिकोण गलत है, गुणवत्ता महत्वपूर्ण है लेकिन पहुंच का महत्व कम नहीं है। जब लाखों बच्चे पास होते हैं तो यह समाज के लिए सकारात्मक संकेत है कि शिक्षा का नेटवर्क विस्तार हो रहा है।

  • Sathyavathi S

    Sathyavathi S

    26/मार्च/2026

    बातचीत इतनी शानदार लग रही है लेकिन हकीकत में तो सिर्फ डिपिका नाम ही सुनाई दे रहा है बाकी सब क्या कर रहे हैं इसमें कोई स्पष्टता नहीं मिल रही है मेरे भाई लोगो आपको समझना होगा कि यह सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि एक नई कहानी की शुरुआत है जहां हमें अपने बच्चों की रफ़्तार को ध्यान में रखते हुए बहुत सारी चीजों को गहराई तक ले जाना चाहिए क्योंकि अगर हम आज नहीं सोचे तो कल पछतावा होगा और यह पुरानी आदत है कि हम सबकुछ बाद में सोचते हैं जबकि शिक्षा का मामला तत्कालीन प्रतिक्रिया मांगता है।

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