क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए निराशा भरा फाइनल
क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह सऊदी किंग्स कप फाइनल उनकी उम्मीदों के विपरीत साबित हुआ। जेद्दा में हुए इस मुकाबले में उनकी टीम अल नास्र को अल हिलाल से पेनल्टी शूटआउट में हार झेलनी पड़ी। इस मुकाबले में दोनों टीमों ने कड़ा मुकाबला किया और नए चैंपियन की तलाश पूरे 120 मिनट के संघर्ष के बाद भी पूरी नहीं हो पाई। आखिरकार, पेनल्टी शूटआउट के दौरान अल हिलाल ने 5-4 से जीत दर्ज की।
मुकाबले का रोचक सफर
अल हिलाल ने मुकाबले की शुरुआत ही आक्रामकता से की और सिर्फ सातवें मिनट में अलेक्सान्द्र मित्रोविच ने बढ़त दिला दी। इसका जवाब देने में अल नास्र को पूरे मैच का समय लगा और आखिर में 88वें मिनट में ऐमन यह्या ने गोल कर स्कोर को बराबर कर दिया।
पूरा मैच तनावपूर्ण रहा और रेफ़री ने तीन खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाया। अल नास्र की ओर से डेविड ओस्पिना को बाहर किया गया जबकि अल हिलाल के लिए अली अल-बुलैही और कालिदू कूलिबाली को रेड कार्ड मिला।
अल हिलाल ने पेनल्टी शूटआउट में दर्ज की जीत
अंततः पेनल्टी शूटआउट का रोमांचक दौर शुरू हुआ जहाँ अल हिलाल के गोलकीपर यासिन बुनू हीरो साबित हुए। उन्होंने अल नास्र की अंतिम दो पेनल्टी रोकते हुए अपनी टीम को विजेता बना दिया। रोनाल्डो, जो अपनी टीम को फाइनल में ले जाने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे, हार के बाद रूँआसा हो गए और उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया।
रोनाल्डो की व्यक्तिगत उपलब्धियां
इस हार के बावजूद, क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए व्यक्तिगत तौर पर यह सीजन उपलब्धियों से भरा रहा। वह सऊदी प्रोलिग के अपने पहले पूरे सीजन में रिकॉर्ड 35 गोल करने में सफल रहे। हालाँकि, उनकी टीम के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा, जिसे सऊदी प्रो लीग में अल हिलाल के पीछे दूसरा स्थान मिला। इसके अलावा, एशियाई चैंपियंस लीग के क्वार्टरफाइनल में भी अल नास्र को हार का सामना करना पड़ा।
निलंबन और विवाद
रोनाल्डो का यह सीजन विवादों से भी अछूता नहीं रहा। फरवरी में, उन्हें एक अभद्र इशारे के चलते निलंबित किया गया था। इसके बावजूद, उन्होंने अपने खेल से लगातार प्रदर्शन किया और अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी
अल हिलाल की सफलता कुछ हद तक समीकरण बदलकर आई, क्योंकि उनके स्टार ब्राजीलियाई खिलाड़ी नेमार लगभग पूरे सीजन घायल रहकर टीम से बाहर रहे। टीम ने उनके बिना भी शानदार प्रदर्शन किया और अपनी काबिलियत दिखाई।
अल नास्र और रोनाल्डो के लिए यह अवसर सीखने का था, जहाँ उन्होंने अपनी त्रुटियों से सबक लिया होगा और अगले सीजन में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखेंगे।
टिप्पणि
Sweety Spicy
1/जून/2024ये रोनाल्डो का आंसू देखकर लगा जैसे कोई बच्चा अपनी नई बाइक तोड़ दे गया। जीत या हार, ये खेल है ना? अल हिलाल के बिना नेमार के भी जीत गए, तो रोनाल्डो की टीम की ताकत कमजोर है, उनकी आँखों की नमी नहीं।
और हाँ, 35 गोल? बहुत बढ़िया, लेकिन जब तक ट्रॉफी नहीं आती, तो ये सब बस एक बड़ा ब्लॉग पोस्ट है।
Maj Pedersen
1/जून/2024इस हार के बावजूद, क्रिस्टियानो रोनाल्डो की लगन और अनुशासन की ताकत को सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के इस चरण में भी अद्भुत प्रदर्शन किया है। यह फाइनल एक अवसर था, न कि अंत। उनका साहस और दृढ़ता हम सबके लिए प्रेरणा है।
Ratanbir Kalra
1/जून/2024मैच हुआ गोल हुआ शूटआउट हुआ रोनाल्डो रोया अल हिलाल जीत गया और फिर भी कुछ लोग कह रहे हैं कि ये टीम कमजोर थी लेकिन ये तो खेल का नियम है जीतने वाला अच्छा होता है हारने वाला बुरा नहीं होता और रोनाल्डो का आंसू उनकी लगन का प्रतीक है न कि उनकी कमजोरी का
Seemana Borkotoky
1/जून/2024भारत में भी जब कोई टीम फाइनल में हार जाती है, तो लोग खिलाड़ियों को बर्बाद कर देते हैं। लेकिन रोनाल्डो के आंसू देखकर लगा जैसे कोई अपनी जिंदगी का एक बड़ा सपना छोड़ रहा है। उन्होंने जो किया, वो किसी और के लिए असंभव है। उनका साहस देखकर दिल भर आया।
Sarvasv Arora
1/जून/2024ये रोनाल्डो का आंसू? बस एक बड़ा बाजारी नाटक है। उसने तो अपने सारे बकवास फ्रेंडशिप वाले इंस्टाग्राम पोस्ट्स और फैंस के लिए बनाया हुआ है। जब तक उसका बैंक बैलेंस नहीं गिरता, तब तक वो रोएगा नहीं। अल हिलाल ने बिना नेमार के जीत ली, तो रोनाल्डो की टीम की फेलियर बहुत बड़ी है। उसके बाद भी उसके फैंस उसे गॉड बताते हैं? बस निराशा है।
Jasdeep Singh
1/जून/2024अगर एक ऐसे खिलाड़ी के लिए जो अपने देश के लिए खेलता है, वो इतना रोएगा तो ये सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, ये एक राष्ट्रीय शर्म की बात है। हमारे देश में तो जब कोई खिलाड़ी फाइनल में हारता है, तो उसे बर्बाद कर दिया जाता है। रोनाल्डो के आंसू देखकर लगा जैसे एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी ने अपने देश के लिए अपनी आत्मा दे दी। ये नहीं होना चाहिए था। ये टीम अभी भी एक गैर-स्थानीय खिलाड़ी के ऊपर निर्भर है, जो अपने जीवन के अंतिम चरण में है। ये सिस्टम बदलना जरूरी है।
HIMANSHU KANDPAL
1/जून/2024रोनाल्डो ने जो आंसू बहाए, वो उसके लिए नहीं, उसके फैंस के लिए थे। उसके बाद भी वो इंस्टाग्राम पर अपना फोटो डालता है, जैसे कोई शोक रात हो। लेकिन ये सब बस एक नाटक है। जब तक वो खुद को नहीं बदलता, तब तक वो कभी जीत नहीं पाएगा।
Arya Darmawan
1/जून/2024हार ने रोनाल्डो को नहीं, उसकी टीम को नाकामयाब किया। लेकिन उनके 35 गोल और उनकी लगन का असर बहुत बड़ा है। अल हिलाल ने बिना नेमार के जीत ली, लेकिन रोनाल्डो ने अपनी टीम को फाइनल तक ले आया। ये बहुत बड़ी उपलब्धि है। अगले सीजन में वो जरूर ट्रॉफी लाएंगे। बस थोड़ा और विश्वास रखो।
Raghav Khanna
1/जून/2024यह फाइनल एक ऐसा उदाहरण है जिसमें खेल की भावनात्मक गहराई और व्यक्तिगत अर्पण की शक्ति दोनों को दर्शाया गया है। रोनाल्डो के आंसू केवल एक व्यक्तिगत असफलता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी की दृढ़ता का प्रतीक हैं जिसने अपने व्यवसाय के प्रति अटूट समर्पण दिखाया है। अल हिलाल की जीत उचित थी, लेकिन रोनाल्डो का योगदान इतिहास में दर्ज होगा।