14 जून 2020 को जब सुशान्त सिंह राजपूत, बॉलीवुड अभिनेता का निधन हुआ था, तो पूरा देश हैरान था। पांच साल लंबी और अत्यंत संवेदनशील जांच के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार, 22 मार्च 2025 को अदालत में अपनी 'क्लोजर रिपोर्ट' दायर कर दी है। यह रिपोर्ट उस सवाल का अंतिम उत्तर देने का दावा करती है जो पिछले कई वर्षों से लोगों के मन में था: क्या सुशान्त की मौत हत्या थी या आत्महत्या?
CBI की इस अंतिम रिपोर्ट के मुताबिक, सुशान्त की मृत्यु आत्महत्या के कारण हुई थी। जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में किसी प्रकार की साजिश ('फाउल प्ले') के कोई सबूत नहीं मिले हैं। सबसे बड़ी राहत तब मिली जब रिपोर्ट में उनके करीबी दोस्त रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार को सभी आरोपों से साफ चिट दे दी गई। हालांकि, सुशान्त के परिवार ने इस रिपोर्ट को 'अधूरा' बताते हुए इसे चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।
जांच की लंबी सफर: पोस्टमॉर्टम से लेकर एम्स तक
बात वापस जून 2020 की जाती है। सुशान्त को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाया गया था। प्रारंभिक जांच में मुंबई पुलिस ने आत्महत्या की पुष्टि की थी, लेकिन जनता में असंतोष बढ़ता रहा। इसलिए मामला CBI को सौंप दिया गया।
जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब CBI ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के एक विशेषज्ञ पैनल को पोस्टमॉर्टम और विसेरा रिपोर्ट की समीक्षा करने का काम सौंपा। इस पैनल का नेतृत्व फॉरेन्सिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर कर रहे थे। सितंबर 2020 में AIIMS पैनल ने अपना निष्कर्ष सार्वजनिक किया था कि मौत फांसी लगने से दम घुटने (अस्फिक्सिया) के कारण हुई है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि शरीर पर संघर्ष या बाहरी चोट के कोई निशान नहीं थे।
AIIMS के विशेषज्ञों ने जहर देने (पोइजनिंग) और गला घोंटने (स्ट्रैंगुलेशन) की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया था। यह वैज्ञानिक सबूत CBI की जांच की आधारशिला बना।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु: क्या कहती है CBI?
CBI द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट में पांच मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया गया है, जो इस मामले के हर पहलू को कवर करते हैं:
- आत्महत्या की पुष्टि: सुशान्त सिंह राजपूत ने स्वयं आत्महत्या की थी; किसी ने उन्हें मजबूर नहीं किया।
- रिया को मिली साफ चिट: रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के खिलाफ कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिला।
- कोई साजिश नहीं: जांच में 'फाउल प्ले' या किसी प्रकार की साजिश के कोई सुराग नहीं मिले।
- AIIMS का समर्थन: एम्स की फॉरेन्सिक टीम ने भी हत्या की संभावना को खारिज कर दिया था।
- डिजिटल सबूत: सुशान्त के सोशल मीडिया चैट्स को जांच के लिए अमेरिका भेजा गया था, जहां से प्राप्त रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ (टैंपरिंग) का कोई सबूत नहीं मिला।
ये बिंदु इस बात की ओर इशारा करते हैं कि जांच एजेंसी ने डिजिटल और फॉरेन्सिक दोनों स्तरों पर मामले को गहराई से देखा।
परिवार की प्रतिक्रिया: रिपोर्ट अधूरी है
हालांकि CBI ने अपनी जांच पूर्ण घोषित कर दी है, लेकिन सुशान्त के परिवार के लिए यह राहत की वार्ता नहीं लग रही। रिपोर्ट के अनुसार, सुशान्त के परिवार ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को 'अधूरा' (इनकंप्लीट) बताया है। परिवार के प्रतिनिधियों का मानना है कि CBI को अपनी रिपोर्ट में सभी सबूतों—जैसे कि चैट्स, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट्स—को अदालत में पेश करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
इसीलिए, परिवार अब मुंबई की संबंधित अदालत में 'प्रोटेस्ट पिटिशन' (Protest Petition) दायर करने की तैयारी कर रहा है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि परिवार को CBI की रिपोर्ट पर संदेह है, तो वे अदालत में इस रिपोर्ट को चुनौती दे सकते हैं और आगे की जांच या अलग तरह की जांच की मांग कर सकते हैं।
अगला कदम: अदालत का फैसला
CBI की क्लोजर रिपोर्ट दायर होने के बाद अब बारी अदालत की है। अदालत यह तय करेगी कि वह इस रिपोर्ट को स्वीकार करती है या फिर 'फरदर इनवेस्टिगेशन' (Further Investigation) का आदेश देती है। यह निर्णय इस मामले के लिए अंतिम होगा।
एक दिलचस्प बात यह है कि टीवी चैनल आजतक ने 1 सितंबर 2020 को ही अपने विश्लेषण के आधार पर यह दावा किया था कि इस मामले में हत्या के कोई सबूत नहीं हैं। लगभग 5 साल की लंबी जांच के बाद CBI का निष्कर्ष उसी दिशा में है, जिसकी ओर शुरुआत से ही कुछ मीडिया हाउस इशारा कर रहे थे।
Frequently Asked Questions
CBI की क्लोजर रिपोर्ट में सुशान्त की मौत का कारण क्या बताया गया है?
CBI की क्लोजर रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सुशान्त सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत फांसी लगने से दम घुटने (अस्फिक्सिया) के कारण हुई थी और मामले में किसी प्रकार की साजिश या हत्या के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
क्या रिया चक्रवर्ती को इस मामले में कोई सजा होगी?
नहीं, CBI की रिपोर्ट में रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार को सभी आरोपों से साफ चिट दे दी गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिला है और उन्होंने सुशान्त को आत्महत्या के लिए उकसाया नहीं था।
AIIMS पैनल ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
CBI ने मामले की जांच के लिए AIIMS, नई दिल्ली के डॉक्टरों के एक पैनल को पोस्टमॉर्टम और विसेरा रिपोर्ट की समीक्षा सौंपी थी। इस पैनल ने सितंबर 2020 में निष्कर्ष दिया था कि मौत आत्महत्या की है और जहर देने या गला घोंटने की कोई संभावना नहीं है। यह वैज्ञानिक सबूत CBI की रिपोर्ट का आधार बना।
सुशान्त के परिवार ने CBI की रिपोर्ट पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
सुशान्त के परिवार ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को 'अधूरा' बताया है। उनका मानना है कि जांच एजेंसी ने सभी सबूतों को अदालत में पेश नहीं किया है। इसलिए, परिवार मुंबई की अदालत में 'प्रोटेस्ट पिटिशन' दायर करके इस रिपोर्ट को चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।
अब इस मामले में अगला कदम क्या होगा?
अब बारी मुंबई की संबंधित अदालत की है। अदालत तय करेगी कि वह CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करती है या फिर आगे की जांच (Further Investigation) का आदेश देती है। यदि परिवार प्रोटेस्ट पिटिशन दायर करता है, तो अदालत उस पर भी विचार करेगी।
टिप्पणि
Ghanshyam Gohel
19/मई/2026CBI की रिपोर्ट में जो सबूत हैं, वे बहुत स्पष्ट हैं। डॉ. सुधीर और AIIMS पैनल का निष्कर्ष वैज्ञानिक रूप से दृढ़ है। किसी भी तरह की साजिश के लिए ठोस सबूत चाहिए होते हैं, न कि सिर्फ अटकलें।